देश की प्रमुख सीमेंट कंपनियों में शामिल Ambuja Cements ने अपने कारोबार को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर ली है. कंपनी ने अगले चरण के विस्तार की योजना को अंतिम रूप देते हुए करीब 30 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) अतिरिक्त सीमेंट उत्पादन क्षमता विकसित करने का फैसला किया है. इस पूरी विकास योजना पर लगभग 14,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. कंपनी का मकसद सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि देश के तेजी से विकसित हो रहे बाजारों तक अपनी पहुंच मजबूत करना और उत्पादन से लेकर सप्लाई तक की लागत को कम करना भी है.
अदाणी ग्रुप का हिस्सा Ambuja Cements फिलहाल देशभर में 113.5 MTPA की सीमेंट उत्पादन क्षमता के साथ काम कर रही है. कंपनी की मौजूदगी भारत के अलग-अलग हिस्सों में फैली हुई है. अब नए प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद वित्त वर्ष 2030 तक इसकी कुल क्षमता बढ़कर 155 MTPA तक पहुंचने का लक्ष्य है. इस विस्तार से खासतौर पर पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भारत में कंपनी की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है.
Ambuja Cements की नई विस्तार योजना के तहत असम, बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में उत्पादन और ग्राइंडिंग से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. कंपनी पश्चिमी क्षेत्र में करीब 15.5 MTPA, पूर्वी क्षेत्र में 11.6 MTPA और उत्तरी क्षेत्र में 2.9 MTPA की अतिरिक्त ग्राइंडिंग क्षमता स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है.
पूर्वी भारत में असम के रंगिया और होजाई में 2.9-2.9 MTPA की क्षमता वाले प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे. इसके अलावा झारखंड के गोड्डा और बिहार के मुजफ्फरपुर में भी इतनी ही क्षमता की नई ग्राइंडिंग यूनिट विकसित की जाएगी.
पश्चिमी भारत में गुजरात के मुंद्रा और हजीरा में 2.9-2.9 MTPA की क्षमता बढ़ाई जाएगी. वहीं महाराष्ट्र में रायगढ़ और कल्याण में 2.9-2.9 MTPA, दहानू में 0.7 MTPA और अमरावती में 2.9 MTPA की अतिरिक्त क्षमता तैयार करने की योजना है. उत्तर प्रदेश के दादरी में दूसरी लाइन के जरिए 2.9 MTPA की क्षमता जोड़ी जाएगी.
कंपनी सिर्फ सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट तक ही सीमित नहीं रहेगी. कच्चे माल से लेकर तैयार सीमेंट तक उत्पादन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्लिंकर उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई जाएगी. इसके तहत असम के उमरांगसो में 4 MTPA, महाराष्ट्र के मराठा में 4 MTPA और गुजरात के मुंद्रा में 2.3 MTPA की नई क्लिंकर क्षमता विकसित की जाएगी.
कंपनी की इस पूरी योजना के पीछे एक बड़ी रणनीति है. Ambuja Cements चाहती है कि उसके उत्पादन केंद्र उन बाजारों के ज्यादा करीब हों, जहां सीमेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है. इससे एक जगह से दूसरी जगह सीमेंट पहुंचाने की दूरी कम होगी और ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च भी घटेगा.
अदाणी ग्रुप के सीमेंट कारोबार के CEO विनोद बाहेती के मुताबिक, कंपनी का अगला विस्तार चरण संतुलित विकास और बेहतर उत्पादन नेटवर्क तैयार करने पर केंद्रित है. उनका कहना है कि क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच बेहतर तालमेल बनाने से कंपनी को उत्पादन और सप्लाई में अधिक लचीलापन मिलेगा.
उन्होंने यह भी बताया कि नए प्रोजेक्ट से कंपनी की बाजार में पहुंच बढ़ेगी और उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. Ambuja Cements का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 तक सीमेंट उत्पादन की लागत घटाकर 4,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन (PMT) तक लाना है.
नई 30 MTPA विस्तार योजना के अलावा कंपनी पहले से चल रहे प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम कर रही है. वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही यानी H1 FY27 में Ambuja Cements ने कुल 4.6 MTPA की अतिरिक्त क्षमता शुरू की है.
इसमें गुजरात के दहेज में 1.2 MTPA का विस्तार, उत्तर प्रदेश के सलई बनवा में 2.4 MTPA की नई ग्राइंडिंग यूनिट और महाराष्ट्र के कलंबोली में 1 MTPA की क्षमता बढ़ोतरी शामिल है. इन परियोजनाओं के बाद कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 113.5 MTPA हो गई है.
आने वाले महीनों में कुछ और परियोजनाएं उत्पादन में योगदान देने लगेंगी. पंजाब के बठिंडा में 1.2 MTPA और राजस्थान में जोधपुर पेन्ना इंटीग्रेटेड यूनिट की 2 MTPA क्षमता को स्थिर कर उत्पादन बढ़ाने की योजना है. इसके अलावा बिहार के वारिसलीगंज में 2.4 MTPA की नई ग्राइंडिंग यूनिट वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है.
इन परियोजनाओं के शुरू होने और उत्पादन बढ़ने के साथ कंपनी को उम्मीद है कि मार्च 2027 के अंत तक उसकी कुल सीमेंट क्षमता 119 MTPA तक पहुंच जाएगी.
Ambuja Cements ने अधिग्रहण के बाद से अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम किया है. कंपनी के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक वह 11 क्षमता विस्तार परियोजनाएं पूरी कर चुकी है. इनके जरिए 16.3 MTPA की अतिरिक्त सीमेंट क्षमता और 9 MTPA की क्लिंकर क्षमता जोड़ी गई है.
नई 30 MTPA विस्तार योजना इसी सिलसिले का अगला बड़ा कदम है. इसके पूरा होने के बाद कंपनी का उत्पादन नेटवर्क और व्यापक हो जाएगा. कंपनी के पास एकीकृत विनिर्माण इकाइयों, ग्राइंडिंग यूनिट और क्लिंकर उत्पादन केंद्रों का मजबूत नेटवर्क होगा.
Ambuja Cements अपने कारोबार के विस्तार के साथ पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन पर भी ध्यान दे रही है. कंपनी ने 1 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (सोलर और विंड) में निवेश की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. इसके अलावा वित्त वर्ष 2028 तक 376 MW क्षमता वाले वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम (WHRS) विकसित करने की योजना है.
कंपनी कम कार्बन उत्सर्जन वाली सीमेंट तकनीक पर भी काम कर रही है. इसके लिए Leilac Limited और Coolbrook के साथ साझेदारी की गई है. इन प्रयासों का उद्देश्य सीमेंट निर्माण के दौरान होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करना है.
कंपनी का दावा है कि वह पानी के इस्तेमाल के मामले में वॉटर पॉजिटिव और प्लास्टिक के मामले में प्लास्टिक नेगेटिव बनी हुई है. उसने वर्ष 2050 तक नेट जीरो उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य भी रखा है.
-भारत एक्सप्रेस
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