जलवाहक योजना की शुरुआत करते हुए जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री, सर्बानंद सोनोवल.
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री, सर्बानंद सोनोवल ने रविवार को ‘जलवाहक’ योजना की शुरुआत की. इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय जलमार्ग 1 (एनडब्ल्यू 1) (गंगा नदी) के साथ-साथ राष्ट्रीय जलमार्ग 2 (एनडब्ल्यू 2) (ब्रह्मपुत्र नदी) और राष्ट्रीय जलमार्ग 16 (एनडब्ल्यू 16) (बराक नदी) के माध्यम से लंबी दूरी के माल की आवाजाही को प्रोत्साहित करना है.
सोनोवाल ने कहा, “सरकार ने अंतर्देशीय जलमार्गों के हमारे समृद्ध नेटवर्क की जबरदस्त क्षमता को साकार करने के लिए एक ठोस प्रयास किया है. यह परिवहन का एक किफायती, पारिस्थितिक रूप से मजबूत और कुशल तरीका है. हम रेलवे और सड़क मार्गों पर भीड़भाड़ को कम करने के लिए जलमार्गों के माध्यम से माल की आवाजाही को बढ़ावा देना चाहते हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि जलवाहक योजना एनडब्ल्यू 1, एनडब्ल्यू 2 और एनडब्ल्यू 16 पर लंबी दूरी के कार्गो को बढ़ावा देती है और कारोबारियों को जलमार्गों के माध्यम से कार्गो की आवाजाही करने का अवसर प्रदान करती है. इस योजना के उद्देश्यों में हमारे पोत संचालकों को सशक्त बनाना और लागत प्रभावी तरीके से कार्गो की सुरक्षित और समय पर डिलीवरी के साथ हमारे व्यावसायिक उद्यमों को प्रोत्साहित करना भी शामिल है.
सोनोवाल ने कोलकाता में जीआर जेट्टी से मालवाहक जहाजों – एमवी एएआई, एमवी होमी भाभा, एमवी त्रिशूल और दो डंब बार्ज अजय और दिखू को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे हल्दिया से एनडब्ल्यू 1 और एनडब्ल्यू 2 के लिए मालवाहक जहाजों की निर्धारित शेड्यूल्ड सेवा की शुरुआत हुई.
एमवी त्रिशूल दो डंब बार्ज अजय और दिखू के साथ इंडो बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट (आईबीपीआर) के जरिए कोलकाता में जीआर जेटी से गुवाहाटी में पांडु तक 1,500 टन सीमेंट ले जा रहा है.
एमवी आई 1,000 टन जिप्सम पटना ले जा रहा है जबकि तीसरा जहाज एमवी होमी भाभा 200 टन कोयला वाराणसी ले जा रहा है. पोर्ट, शिपिंग और वाटरवे मंत्रालय ने कहा कि निर्धारित दिन की निर्धारित नौकायन सेवा एनडब्ल्यू 1 के कोलकाता – पटना – वाराणसी – पटना – कोलकाता खंड और एनडब्ल्यू 2 के कोलकाता और गुवाहाटी के पांडु के बीच इंडो बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट (आईबीपीआर) के माध्यम से चलेगी.
यह कार्गो प्रमोशन योजना कार्गो मालिकों को अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए अपने माल का परिवहन करने के लिए प्रत्यक्ष प्रोत्साहन प्रदान करती है.
यह भी पढ़ें- भारत ने चीन से खिलौनों के आयात में 4 सालों में 80% की कटौती की, निर्यात 15 करोड़ डॉलर पार
मंत्रालय ने कहा, “जलवाहक योजना लॉजिस्टिक लागत को कम करने, सड़कों और रेलवे पर भीड़भाड़ कम करने और परिवहन के एक स्थायी तरीके को अपनाने को प्रोत्साहित करती है.” इस योजना से पश्चिम बंगाल से पटना, बनारस और गुवाहाटी तक जलमार्ग से माल की ढुलाई लागत में कमी आएगी.
-भारत एक्सप्रेस
IND vs NZ: प्लेइंग 11 से ड्रॉप होने वाले वैभव सूर्यवंशी पर अक्षर पटेल की…
BJP Padyatra In Delhi: रामलीला मैदान में विपक्ष के इस शक्ति प्रदर्शन को बेअसर करने…
PNB Credit Card New Rules 2026: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने Visa और RuPay क्रेडिट…
Ramlila Maidan Rally: सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि हमें भाजपा का एजेंट बताया…
Nawada Government Bus Accident: बिहार के नवादा में तेज रफ्तार सरकारी बस की टक्कर से…
MP News: उज्जैन के होटल श्रीगंगा में जहरीली गैस से 4 कर्मचारियों की मौत के…