बिजनेस

भारत बन सकता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल का वैश्विक निर्यातक: Boeing India प्रमुख सलील गुप्ते

भारत भविष्य में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) का एक बड़ा निर्यातक देश बन सकता है, खासकर तब जब दुनिया भर में विमानन क्षेत्र से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं. यह बात बोइंग इंडिया और साउथ एशिया के अध्यक्ष सलील गुप्ते ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट 2025 के दौरान कही.

गुप्ते ने कहा कि भारत में SAF उत्पादन के लिए कृषि अवशेष जैसे फीडस्टॉक की भरपूर उपलब्धता है, जिसे एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा सकता है. उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर विमानन उद्योग कुल कार्बन उत्सर्जन का लगभग 2-3 प्रतिशत जिम्मेदार है और ऐसे में SAF को एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में देखा जा रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि भारत अगले 20 वर्षों में 2,500 नए नागरिक विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने जा रहा है, जिससे यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट्स में से एक बन जाएगा. भारतीय विमानन कंपनियां पहले ही 1,000 से अधिक नए विमान ऑर्डर कर चुकी हैं.

गुप्ते के अनुसार, भारत का आधुनिक होता विमानन बेड़ा देश के डिकार्बोनाइजेशन प्रयासों में बड़ी भूमिका निभा सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि SAF उत्पादन में असली चुनौती विमान या तकनीक नहीं, बल्कि इसकी लागत और पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित करना होगा. फिलहाल, SAF की कीमत पारंपरिक एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) से ढाई से साढ़े तीन गुना अधिक है.

उन्होंने बताया कि वर्ष 2050 तक ग्लोबल एविएशन को नेट ज़ीरो बनाने के लिए हर साल लगभग 185 मिलियन टन SAF की जरूरत होगी. भारत अकेले ही इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल और कृषि कचरे जैसे फीडस्टॉक से हर साल 8–10 मिलियन टन SAF उत्पादन की क्षमता रखता है.

“इसका मतलब यह है कि भारत दुनिया की SAF ज़रूरतों का 5 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले ही पूरा कर सकता है. भारत SAF का निर्यातक बन सकता है, और यही वह मौका है जो हमें विमानन क्षेत्र के डिकार्बोनाइजेशन में अग्रणी बना सकता है,” गुप्ते ने कहा.

उन्होंने यह भी जोड़ा कि कृषि कचरे को SAF में बदलना भारत के लिए एक जबरदस्त आर्थिक और पर्यावरणीय अवसर साबित हो सकता है. गौरतलब है कि बोइंग, जो दुनिया की अग्रणी एयरोस्पेस कंपनियों में से एक है, भारत में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए है और विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश भी कर रही है.

ये भी पढ़ें- ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सैन्य शक्ति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक बाज़ार में बड़ी जीत की कहानी

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

30 लाख दीपों से जगमगाएगी अयोध्या, 2100 ड्रोन से आसमान में दिखेगी रामायण; दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां पूरी

Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपोत्सव के 10वें संस्करण को भव्य बनाने की तैयारियां पूरी…

14 minutes ago

दिवाली के बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, भोपाल से दिल्ली ट्रायल ट्रांसफर की मांग; CBI के हलफनामे पर आरोपी पक्ष ने उठाए सवाल

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट दिवाली की छुट्टियों के बाद…

53 minutes ago

BS-VI नियमों पर वकीलों को बड़ी राहत, कोर्ट के कार्यदिवसों में चला सकेंगे पुरानी गाड़ियां; जानें नया आदेश

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI वाहनों के इस्तेमाल…

1 hour ago

दिल्ली-NCR की हवा हुई और जहरीली, GRAP-3 लागू; निर्माण कार्यों और पुरानी गाड़ियों पर सख्ती

Delhi NCR Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते GRAP-3 लागू कर दिया गया…

1 hour ago