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ITR डेडलाइन से पहले एक्शन मोड में निर्मला सीतारमण; जानिए अधिकारियों को दी कौन सी 5 हिदायतें

Finance Minister Instructions: 31 जुलाई को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि करीब आ रही है. इसी बीच, 167वें इनकम टैक्स डे समारोह के अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स अधिकारियों को संबोधित करते हुए 5 मुख्य प्राथमिकताएं तय कीं. वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स प्रशासन का रुख ऐसा होना चाहिए जिससे आम और ईमानदार करदाताओं को राहत मिले, जबकि टैक्स चोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं.

31 जुलाई की ITR डेडलाइन से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अधिकारियों को ईमानदार करदाताओं को सहूलियत देने और टैक्स चोरों पर सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी है. उन्होंने शिकायतों के त्वरित व पारदर्शी समाधान और अनजाने में हुई गलतियों को सुधारने का मौका देने पर जोर दिया. हालिया सुधारों से 21 जुलाई तक 3.2 करोड़ से अधिक ITR दाखिल हो चुके हैं, जिससे रिफंड में तेजी आई है और टैक्सपेयर्स का भरोसा बढ़ा है.

ईमानदार करदाताओं के साथ हो सार्थक संवाद

वित्त मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे हर करदाता की समस्या को समझें और सभी शिकायतों पर समयबद्ध तरीके से ध्यान दें. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पूरी स्पष्टता और विनम्रता के साथ कदम उठाना चाहिए. करदाताओं के साथ हर स्तर पर पारदर्शी और सार्थक संवाद बेहद जरूरी है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान बिना किसी बेवजह की परेशानी के हो सके.

शिकायतों के कारणों को समझकर करें सुधार (Finance Minister Instructions)

सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि वाजिब शिकायतों को निष्पक्षता से दूर किया जाना चाहिए. अधिकारियों को यह विश्लेषण करना चाहिए कि बार-बार एक ही प्रकार की शिकायतें क्यों आ रही हैं. उन्होंने सलाह दी कि शिकायतों को संस्थागत रूप से सुधार और सीख के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए, ताकि सिस्टम में आवश्यक बदलाव किए जा सकें.

अनजाने में हुई गलती और चोरी में पहचान जरूरी (Honest Taxpayers)

प्रक्रियाओं और सिस्टम में लगातार सुधार पर बल देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर विभाग को यह फर्क साफ समझना होगा कि कौन व्यक्ति गलती से चूक कर रहा है और कौन जानबूझकर टैक्स की चोरी कर रहा है. ईमानदार करदाताओं को अपनी गलतियां ठीक करने का मौका दिया जाना चाहिए, जबकि जानबूझकर टैक्स की धोखाधड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.

ITR फाइलिंग और रिफंड की तेज रफ्तार (ITR Filing Deadline)

हालिया टैक्स सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 21 जुलाई तक 3.2 करोड़ से अधिक ITR दाखिल किए जा चुके हैं. इनमें से 94% से अधिक का वेरिफिकेशन हो चुका है और 60% की प्रोसेसिंग पूरी कर ली गई है. इसके अलावा, 1.3 करोड़ से अधिक रिफंड क्लेम में से 96% का वेरिफिकेशन हो चुका है. समय पर रिफंड मिलने से टैक्सपेयर्स का भरोसा बढ़ता है और उनके पास नकदी (लिक्विडिटी) की स्थिति बेहतर होती है.

यह भी पढ़ें- ग्लोबल तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी खुशखबरी! विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर $676.24 अरब पर पहुंचा

-भारत एक्सप्रेस 

Shubhra Rai

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