Monsoon health alert
Monsoon health alert: मानसून की बारिश भले ही गर्मी से राहत लेकर आती है, लेकिन इस बदलते मौसम के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी काफी बढ़ जाता है. हाल के हफ्तों में अस्पतालों की ओपीडी में पेट के गंभीर इंफेक्शन और जोड़ों के दर्द (जॉइंट पेन) के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा देखने को मिल रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को देखते हुए आम जनता के लिए हेल्थ अलर्ट जारी किया है.
मानसून में हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) अधिक होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं. इस मौसम में पानी के दूषित होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है. बाहर खुले में मिलने वाला स्ट्रीट फूड, कटे हुए फल और अस्वच्छ पानी का सेवन पेट के इंफेक्शन, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, टाइफाइड और फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण बन रहा है. दूषित भोजन और पानी आंतों में सूजन पैदा करते हैं, जिससे उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन और बुखार की समस्या हो रही है.
दूसरी ओर, बारिश के दिनों में वायुमंडलीय दबाव (एटमॉस्फेरिक प्रेशर) में कमी आती है और नमी बढ़ जाती है. इसका सीधा असर हमारे शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों के ऊतकों (टिश्यूज) पर पड़ता है. दबाव में बदलाव के कारण जोड़ों के आसपास के ऊतक फैलने लगते हैं, जिससे आर्थराइटिस, गाउट या पुराने दर्द से जूझ रहे मरीजों की तकलीफ अचानक बढ़ जाती है. इसके अलावा, ठंडी हवा के संपर्क में आने से मांसपेशियों में अकड़न आ जाती है.
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डॉक्टरों का कहना है कि यदि पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी-दस्त या जोड़ों में अत्यधिक सूजन के साथ बुखार आए, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठने के बजाय तुरंत नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें.
भारत एक्सप्रेस
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