क्राइम

चिता सज चुकी थी, आग लगने ही वाली थी… तभी श्मशान पहुंची पुलिस और उठा ले गई लाश!

Aurangabad News: श्मशान घाट पर लाश पहुंच चुकी थी. परिजन लाश को जलाने के लिए चिता सजा रहे थे. चारों तरफ गम का माहौल था. तभी पुलिस पहुंचती है और लाश को उठाकर ले जाती है. पुलिस को ऐसा करता देख आसपास अफरा-तफरी मच जाती है. परिजन आक्रोशित हो जाते हैं, लेकिन पुलिस को देख वो चुप हो जाते हैं. दरअसल ये घटना बिहार के औरंगाबाद की है.

औरंगाबाद के रफीगंज के केराप पंचायत के फिदा बिगहा गांव निवासी सुनील प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. वो पेशे से एक टेंट डेकोरेशन का काम करते थे. इसी कमाई से वो अपने परिवार का भरण पोषण करते थे. वो अपने पीछे एक मासूम बेटा और दो बेटियां छोड़ गए हैं.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक गुरुवार की रात सुनील की अपनी पत्नी के साथ विवाद हुआ था. परिजनों के अनुसार इसी विवाद की वजह से तनाव में आकर सुनील ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. सुनील की मौत के बाद परिजन ग्रामीणों की मदद से शव का अंतिम संस्कार करने के लिए केराप गांव के श्मशान घाट ले गए.

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इसी दौरान किसी ने पुलिस को इस संदिग्ध मौत की सूचना दे दी. मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस इंस्पेक्टर शंभू कुमार पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और शव को चिता से उठाकर अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

शव को भेजा अस्पताल

पुलिस की अचानक कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस ने शव को औरंगाबाद सदर अस्पताल भेजकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

जांच अधिकारियों के मुताबिक यह मामला संदिग्ध लग रहा है. मृतक के शरीर पर कुछ निशान पाये गए हैं, जो सामान्य मौत पर सवाल खड़े कर रहे हैं. इसी को देखते हुए पुलिस को कड़े कदम उठाने पड़े और शव को चिता से उठाकर पोस्टमार्टम हाउस भेजना पड़ा.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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