क्राइम

गुरुग्राम लैंड स्कैम मामले में समन के बाद ईडी दफ्तर पहुंचे रॉबर्ट वाड्रा, जानें क्या है शिकोहपुर जमीन खरीद का मामला?

गुरुग्राम भूमि घोटाले से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा समन जारी किए जाने के बाद कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) आज प्रवर्तन निदेशालय के दिल्ली स्थित कार्यालय पहुंचे. उनसे इस मामले में पूछताछ की जाएगी जो भूमि खरीद-फरोख्त में अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है.

अन्य लोगों से हो चुकी है पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में पहले भी कई लोगों से पूछताछ कर चुका है और विभिन्न दस्तावेजों की जांच की जा रही है. वाड्रा पर आरोप है कि उन्होंने और उनके करीबी सहयोगियों ने गुरुग्राम में जमीन के सौदों में गड़बड़ी की, जिससे सरकारी नियमों का उल्लंघन हुआ और धन शोधन की आशंका भी जताई गई. सूत्रों के अनुसार, इस पूछताछ के दौरान वाड्रा से उनके और उनकी कंपनियों के वित्तीय लेन-देन, जमीन की खरीद प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के साथ उनके संबंधों के बारे में जानकारी मांगी जाएगी.

Robert Vadra को पहले भी जारी हुआ था समन

हरियाणा लैंड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने यह समन जारी किया है. ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा को इस मामले में पहले भी समन भेजा था. जांच एजेंसी ने पिछली बार उन्हें समन भेजकर 8 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया था. हालांकि, वह ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे थे. यह पूरा मामला साल 2018 का है. तौरू के रहने वाले सुरेंद्र शर्मा की शिकायत पर 1 सितंबर 2018 को गुड़गांव के खेरकी दौला थाने में यह केस दर्ज किया गया था.

Robert Vadra पर लगे हैं ये आरोप

रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी पर आरोप है कि उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की थी. इस मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को भी आरोपी बनाया गया है. आईपीसी की धारा 420, 120, 467, 468 और 471 के तहत इस मामले में केस दर्ज किया गया था. मामला दर्ज होने के बाद आईपीसी की धारा 423 के तहत नए आरोप जोड़े गए थे.

यह भी पढ़ें- पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर ED की छापेमारी, चिट फंड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने की कार्रवाई

शिकायतकर्ता का आरोप है कि वाड्रा (Robert Vadra) की कंपनी ने फरवरी 2008 में गुड़गांव के शिकोहपुर में 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से खरीदी थी. कमर्शियल लाइसेंस पाने के बाद कंपनी ने उसी प्रॉपर्टी को डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया था. इसी मामले में ईडी वाड्रा (Robert Vadra) की कंपनी पर वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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