Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान शुरू हो गया है. इस चरण में 122 सीटों पर कुल 3 करोड़ 70 लाख मतदाता 1302 उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे. इन उम्मीदवारों में आधा दर्जन से अधिक उम्मीदवार नीतीश सरकार में मंत्री हैं. दूसरे चरण में मतदान के लिए 45,399 मतदान केंद्र बनाये गए हैं.
विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए बंपर वोटिंग ने सभी पार्टियों के कान खड़े कर दिये हैं. पहले चरण में 121 सीटों पर 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ था. हमेशा की तरह इस बार भी बिहार चुनाव में सबकी नजरें महिला वोटरों पर टिकी हुई है, क्योंकि कुल मतदाताओं में 1.75 करोड़ मतदाता महिलाएं हैं. जिन्हें आमतौर पर नीतीश कुमार का वोटर माना जाता है. नवादा जिले के हिसुआ सीट पर सबसे ज्यादा मतदाता 3.67 लाख हैं.
दूसरे चरण में बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में चुनाव होने हैं. इसलिए पुलिस प्रशासन काफी मुस्तैद है. चुनाव में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी या हिंसा ना हो इसे रोकने के लिए बिहार पुलिस ने नेपाल, यूपी और झारखंड की सीमाओं को सील कर दिया है. इसके अलावा ड्रोन से बूथों की निगरानी की जा रही है.
बिहार विधानसभा के दूसरे चरण के मतदान में सबसे ज्यादा नजर सीमांचल, मगध और शाहाबाद क्षेत्रों पर टिकी हुई हैं. इन 11 जिलों की 61 सीटों पर आने वाले चुनाव नतीजों पर ही बिहार की सियासत टिकी हुई है. सीमांचल के 4, मगध के 5 और शाहबाद के 2 जिलों पर जिस दल का कब्जा होगा, बिहार में उसी की सरकार बनेगी.
यह चुनाव एनडीए के लिए अग्निपरीक्षा जैसा है, क्योंकि 2020 के विधानसभा चुनाव में इन क्षेत्रों में बीजेपी को काफी झटका लगा था. यहां ना सिर्फ एनडीए फिसड्डी साबित हुआ, बल्कि नए सिरे से जातीय और क्षेत्रीय समीकरण भी बनते और टूटते देखा गया. इसलिए यह चुनाव काफी दिलचस्प माना जा रहा है.
ये भी पढ़ें- बिहार विधानसभा चुनाव का अंतिम चरण आज, 3.70 करोड़ मतदाता तय करेंगे 122 सीटों का भविष्य
2020 के विधानसभा चुनाव में इन 61 सीटों में से महागठबंधन ने 42 सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं एनडीए के खाते में सिर्फ 18 और एआईएमआईएम ने 1 सीट पर जीत दर्ज की थी. सीमांचल और मगध में जहां राजद ने अपना दबदबा दिखाया. तो वहीं शाहाबाद में एनडीए मजबूत दिखी.
इस बार सीमांचल में नए समीकरण देखने को मिल रहे हैं. कभी यादव-मुस्लिम गठजोड़ से सीमांचल में एकतरफा जीत दर्ज करने वाले आरजेडी को इस बार काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. 2020 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो सीमांचल में महागठबंधन को सबसे बड़ी चोट AIMIM ने दी. राजद को पछाड़ते हुए AIMIM ने 5 सीटों पर जीत दर्ज कर इस इलाके में अपना दबदबा कायम किया. अब एक बार फिर सीमांचल में AIMIM अपना दावा पेश किया है.
-भारत एक्सप्रेस
पीएम मोदी के पुराने स्कूलमेट असगर अली वोरा ने 8 सितंबर को भायंदर की 2,810…
Ganesh Puja Thailand: थाईलैंड के बैंकॉक में गणेश जी की मूर्ति के सामने बोबा टी…
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि मक्का की ओर बढ़ रहे…
IMD ने 16 सितंबर को दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत…
16 सितंबर 2026, बुधवार को भाद्रपद शुक्ल पंचमी के साथ स्कंद षष्ठी और बलराम जयंती…
16 सितंबर 2026 को चंद्रमा के वृश्चिक राशि में गोचर और ज्योतिषीय योगों के बीच…