गौरव वल्लभ
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों में कुनबा बढ़ाने का सिलसिला जारी है. बड़े-बड़े दिग्गज भी अपनी पुरानी पार्टी को अलविदा कहकर नई पार्टी में प्रवेश कर रहे हैं. ताजा खबर कांग्रेस-भाजपा से सामने आ रही है.
कांग्रेस से राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे गौरव वल्लभ ने सुबह ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया और कुछ घंटे बाद ही वह भाजपा में शामिल हो गए. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था कि – मैं सनातन धर्म को गाली नहीं दे सकता. बताया जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को जो इस्तीफा भेजा था उसमें “धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः तस्माधर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत्…” महाभारत का ये श्लोक भी लिखा था.
उन्होंने भाजपा महासचिव विनोद तावड़े की मौजूदगी में बीजेपी जॉइन कर ली है.
गौरव वल्लभ के कांग्रेस छोड़ने को लेकर राजनीति में कांग्रेस की बड़ी हानि माना जा रहा है. वैसे लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को लगातार बड़े झटके मिल रहे हैं. उनके स्टार चेहरे लगातार दूर होते जा रहे हैं. पहले बॉक्सर से नेता बने विजेंदर सिंह ने कांग्रेस को अलविदा कहा फिर तेजतर्रार राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने भी कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया.
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कहा जा रहा है कि गौरव वल्लभ ने जो दो पन्ने की चिट्ठी पार्टी अध्यक्ष को भेजी है उसमें कहा है कि कांग्रेस पार्टी अब दिशाहीन हो गई है. इसी के साथ ही गौरव ने ये भी आरोप लगाया है कि अब पार्टी में नए आइडिया लाने वाले युवाओं की कद्र नहीं है और न ही बोद्धिक लोगों का सम्मान किया जा रहा है. आगे उन्होने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर पार्टी का स्टैंड भी गलत था और वो सनातन का विरोध नहीं सह सकते हैं.
भला भाजपा के तेज तर्रार प्रवक्ता संबित पात्रा को कौन नहीं जानता. डिबेट में अच्छे-अच्छे उनके सामने पानी मांगने लगते हैं लेकिन एक बार एक डिबेट के दौरान गौरव वल्लभ ने उनके भी पसीने छुड़ा दिए थे. मीडिया सूत्रों के मुताबिक संबित पात्रा ने डिबेट में मोदी सरकार के 5 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य की बात कही थी तो इसी के बाद कांग्रेस की ओर से गौरव वल्लभ ने तुरंत एक सवाल रखते हुए पात्रा से पूछा था कि क्या उन्हें पता है 5 ट्रिलियन में कितने जीरो होते हैं. इसके बाद दो-तीन बार उन्होंने इस सवाल को दोहराया था और जब संबित पात्रा ने सवाल को टालने की कोशिश की तो गौरव वल्लभ ने खुद ही बताते हुए कहा था कि 5 ट्रिलियन में 12 जीरो होते हैं.
गौरव वल्लभ के अगर सियासी सफर की बात करें तो उन्होंने दो बार चुनाव में किस्मत अजमायी लेकिन दोनों बार ही वह हार गए थे. पहली बार यानी 2019 में उन्होंने झारखंड के जमशेदपुर से चुनाव लड़ा था लेकिन तत्कालीन सीएम रघुवर दास से वह हार गए थे और फिर 2023 में राजस्थान के उदयपुर से विधानसभा चुनाव में उतरे लेकिन बीजेपी के ताराचंद जैन से हार गए थे. उस समय वह 32 हजार वोटों से हारे थे.
-भारत एक्सप्रेस
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