चुनाव

मोकामा में भूमिहार सबसे ज्यादा पर धानुक और यादव ‘एक्स फैक्टर’, दुलारचंद की हत्या ने कैसे चेंज कर दी टाल की सियासत, पढ़ें- EXPLAINER

Dularchand Yadav Murder Case: मोकामा में बाहुबलियों की अदावत में फंसकर अपनी जान गंवा चुके दुलारचंद यादव की हत्या ने बिहार की राजनीति को गर्म कर दिया है. हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले बाहुबली अनंत सिंह दो दशकों से मोकामा विधानसभा सीट पर हावी हैं. इस इलाके में भूमिहारों का वर्चस्व है, लेकिन यादव और धानुक जाति का भी अच्छा प्रभाव है. यादव जाति से आने वाले दबंग दुलारचंद यादव की हत्या ने भूमिहारों और यादवों के बीच शक्ति संतुलन को ध्वस्त कर दिया है. इस हत्या ने पूरे मोकामा को एक बार फिर जातीय ध्रुवीकरण को जगा दिया है. मोकामा एक बार फिर 90 के दशक वाली सियासी अदावत की भेंट चढ़ रहा है.

भूमिहार जाति से आने वाले अनंत सिंह के बाहुबल को धानुक और यादव समुदाय का समीकरण जबरदस्त चुनौती दे रहा है. जहां यादव समुदाय राजद की तरफ खिसकता दिख रहा है. तो वहीं धानुक समुदाय जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी (धानुक जाति से आते हैं) की तरफ जाता दिख रहा है. जिससे अनंत सिंह का सियासी सिंहासन डगमगा रहा है.

दुलारचंद की मौत से किसको फायदा-किसको नुकसान

जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के चुनाव प्रचार के दौरान दबंग और यादवों में अच्छा खासा प्रभाव रखने वाले दुलारचंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई. जिसके बाद से बिहार की नीतीश सरकार बैकफुट पर है. तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि “200 राउंड गोली चलाने वाले को सरकार बचा रही है”. तेजस्वी यादव ने अपने बयान से मोकामा की इस घटना को जातीय और भावनात्मक तौर पर राजद की तरफ दिशा देने की कोशिश की. जिसने एनडीए खेमे में जबरदस्त बेचैनी पैदा कर दी है. एनडीए सरकार जहां लालू प्रसाद के जंगलराज का उदाहरण देकर चुनावी मैदान में अपर हैंड ले रही थी. वहीं दुलारचंद की हत्या ने उसके इस छवि को भी तोड़ दिया है.

मोकामा में बैकफुट पर अनंत सिंह?

दुलारचंद यादव की हत्या की वजह से अनंत सिंह पर जबरदस्त दबाव है. हमेशा मीडिया से घिरे रहने वाले अनंत सिंह को शीर्ष नेतृत्व ने इंटरव्यू देने से मना कर दिया है. कभी लालू यादव के करीबी रहे दुलारचंद कई दलों से जुड़े और अंत में जनसुराज के समर्थन में उतर गए. मोकामा में उनकी हत्या ने सहानुभूति की लहर पैदा कर दी है. जो कि जनसुराज के पक्ष में जाती दिख रही है. धानुक समुदाय पारंपरिक रूप से जदयू का समर्थक माना जाता रहा है, लेकिन लोकसभा में उसने राजद की तरफ करवट लेकर सियासी समीकरणों को ध्वस्त कर दिया. पीयूष प्रियदर्शी भी इसी समाज से आते हैं. दुलारचंद की हत्या से यह समुदाय जनसुराज के पक्ष में जाता दिख रहा है. यहीं अनंत सिंह का सबसे बड़ा डर है.

ये भी पढ़ें- क्या पत्नी का धर्म परिवर्तन कराना चाहते हैं JD Vance, हिंदुओं से नफरत का क्यों लग रहा आरोप?

क्या है मोकामा का जातीय समीकरण?

मोकामा विधानसभा सीट पर लगभग 2.68 लाख मतदाता हैं. जिसमें भूमिहार, यादव और धानुक प्रमुख हैं. मोकामा में मुस्लिम और पासवान जाति भी अच्छी संख्या में है. आंकड़ों के अनुसार भूमिहार जहां 22-25 प्रतिशत हैं. तो वहीं यादव करीब 20-22 प्रतिशत स्टेक रखते हैं. वहीं कुर्मी या धानुक जाति की भी आबादी 18-20 प्रतिशत है. इसके अलावा दलित और मुस्लिम वोट कुल मिलाकर 30 प्रतिशत के करीब हैं.

दुलारचंद की हत्या ने जहां बिहार में कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है. वहीं मोकामा के वर्षों सुसुप्त पड़े जातीय हिंसा और जाति की राजनीति की आग में घी डालने का काम किया है. मोकामा की यह लड़ाई अब जाति से ज्यादा सहानुभूति और सम्मान की बन चुकी है. ऐसे में मौन पड़े मतदाता किस करवट बैठेंगे ये तो वक्त बतायेगा.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

पहाड़ों की गोद में बसा ऋषि महादेव मंदिर: हरियाली, झरने और शिवभक्ति के अनूठे संगम की मनमोहक तस्वीरें

राजस्थान के प्रतापगढ़ में स्थित प्राचीन ऋषि महादेव मंदिर प्राकृतिक सुंदरता और अटूट आस्था का…

5 minutes ago

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, FSSAI के उस आदेश पर रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के न्यूट्रिचॉइस मिलेट्स कूकीज पर 'नो एडेड शुगर' और 'नो…

9 minutes ago

वर्धा में AIHER का 17वां दीक्षांत समारोह, डॉ. प्रीति अदाणी ने बढ़ाया छात्रों का हौसला; बोलीं- सेवा ही भक्ति का मार्ग है

वर्धा में अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (AIHER) का 17वां दीक्षांत समारोह संपन्न.…

18 minutes ago

जडेजा का वनडे करियर खत्म होने की ओर? न्यूजीलैंड दौरे की टीम में जगह नहीं मिलने से उठे बड़े सवाल

Ravindra Jadeja ODI Team: न्यूजीलैंड दौरे की वनडे टीम से रवींद्र जडेजा के बाहर होने…

31 minutes ago

बिना वारंट और FIR कैसे होता है पुलिस का एक्शन? दीपके के केस से समझें कस्टडी, अरेस्ट और डिटेंशन में अंतर

दिल्ली के प्रदर्शनों के बाद चर्चा में आए कानूनी शब्दों जैसे डिटेंशन, अरेस्ट, पुलिस कस्टडी…

36 minutes ago