हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने का आरोप लगा था. अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ हिजाब पहने हुई मुस्लिम महिलाएं रैली निकालते हुए दिख रही हैं. इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये रैली नीतीश कुमार के विरोध में है. लेकिन इस वीडियो का पूरा सच कुछ और ही है. आइए जानते है क्या है सच्चाई.
दरअसल, 17 दिसंबर को एक इंस्टाग्राम यूजर ने एक वीडियो को पोस्ट किया जिसमें कुछ मुस्लिम महिलाएं रैली निकालती हुई नजर आ रही हैं. वीडियो में नीतीश कुमार की तस्वीर भी लगी हुई है. वहीं, वीडियो में ये भी लिखा कि किसान महापड़ाव नारी शक्ति का गूंजता विरोध डीडवाना में नई लहर!. साथ ही यूजर ने कैप्शन में ये भी लिखा है, ‘नीतीश कुमार गलती मैन’.
वीडियो से दावा किया जा रहा है कि ये रैली हाल ही में नीतीश कुमार के एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने के विरोध में निकाला गया है.
वीडियो के दावे को देखते हुए हमारी भारत एक्सप्रेस की फैक्ट चेक टीम ने दावे की पुष्टि बेहद जरूरी समझी, इसलिए हमने जांच शुरू की. सबसे पहले हमने वीडियो के कीफ्रेम को निकालकर गुगल लेंस टूल की मदद से सर्च किया. इसमें हमें यह वीडियो एक अन्य इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला, जिसे 25 नवंबर को अपलोड किया गया था. वीडियो के साथ कैप्शन में ये भी लिखा था, ‘किसान महापड़ाव नारी शक्ति का गूंजता विरोध डीडवाना में नई लहर!’
वहीं, यही वीडियो एक फेसबुक अकाउंट पर भी मिला, जिसे 21 नवंबर को इसे अपलोड किया गया था. इस वीडियो के मुताबिक डीडवाना में कस्टोडियन विवाद को जिला प्रशासन के खिलाफ महिलाओं ने रैली निकाली थी.
जांच के दौरान हमें एक प्रतिष्ठित न्यूज वेबसाइट पर एक खबर भी मिली जिसे 20 नवंबर को प्रकाशित किया गया था. खबर के साथ इसी रैली की तस्वीर को अपलोड किया गया था. खबर के अनुसार, डीडवाना में कस्टोडियन जमीनों को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था. सरकार और जिला प्रशासन के फैसलों से नाराज होकर लोगों ने आंदोलन शुरू किया, जिसमें बाद में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 दिसंबर को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटा दिया था. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से फैल गया था, जिससे विवाद छिड़ गया था.
इस जांच से ये साफ है कि वायरल हो रहा रैली का वीडियो नीतीश कुमार के हिजाब वाले विवाद से पहले का है. वहीं, वायरल वीडियो राजस्थान का है, जिसका नीतीश कुमार के हिजाब विवाद से कोई लेना देना नहीं है. इसलिए वीडियो को शेयर कर किया जा रहा दावा झूठा और भ्रामक है.
ये भी पढ़ें: सुमात्रा बाढ़ में हाथी ने पीठ पर बिठाकर बचाई बाघ की जान? वायरल वीडियो का कनेक्शन उड़ा देगा आपके होश!
-भारत एक्सप्रेस
Global AI Spending: गार्टनर की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)…
Swarnim Waglé India Visit: नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले तीन दिवसीय भारत दौरे पर…
समान नागरिक संहिता (UCC) पर कांग्रेस का विरोध क्यों है? 21वें विधि आयोग की रिपोर्ट…
New UPI Guidelines: वित्त मंत्रालय ने नए यूपीआई फ्रेमवर्क पर स्थिति साफ करते हुए कहा…
महज 295 रुपये से शुरू होकर 1.21 लाख करोड़ की कंपनी बनने वाली ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज…
NEW DELHI: ‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ का तीसरा संस्करण 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल…