हेल्थ

30 की उम्र से पहले युवाओं में तेजी बढ़ रही है यह बीमारी? जानिए शुरुआती संकेत और बचाव

Fatty Liver in Young Adults: एक समय था जब फैटी लिवर को बढ़ती उम्र या अधिक शराब पीने वालों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह 20 से 30 साल के युवाओं में भी तेजी से देखने को मिल रही है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खराब खानपान, लंबे समय तक बैठे रहना, बढ़ता मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसकी प्रमुख वजह बन रहे हैं. शुरुआत में यह बीमारी अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के होती है, इसलिए समय पर पहचान करना बेहद जरूरी है.

क्या है Fatty Liver?

फैटी लिवर तब होता है जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह सूजन, लिवर डैमेज और गंभीर मामलों में सिरोसिस जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है. आजकल बिना शराब पीने वालों में होने वाला Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) सबसे ज्यादा देखा जा रहा है.

शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें

फैटी लिवर के शुरुआती चरण में कई लोगों को कोई लक्षण महसूस नहीं होते. हालांकि कुछ मामलों में लगातार थकान, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द या भारीपन, वजन बढ़ना, कमजोरी और भूख कम लगना जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं. यदि ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.

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क्यों बढ़ रहा है युवाओं में खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ, अधिक चीनी का सेवन, देर रात तक जागना, तनाव और नियमित व्यायाम की कमी फैटी लिवर का जोखिम बढ़ा रहे हैं. इसके अलावा मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस भी इस बीमारी के प्रमुख जोखिम कारक माने जाते हैं.

बचाव के लिए अपनाएं ये हेल्दी आदतें

फैटी लिवर से बचने के लिए संतुलित आहार लेना, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन को प्राथमिकता देना जरूरी है. रोजाना कम से कम 30–45 मिनट की शारीरिक गतिविधि या तेज चाल से पैदल चलना लाभदायक हो सकता है. साथ ही जंक फूड, मीठे ड्रिंक्स और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं. पर्याप्त नींद लें और वजन को नियंत्रित रखें.

फैटी लिवर एक ऐसी समस्या है जिसे शुरुआती चरण में सही खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. यदि लगातार थकान, पेट में भारीपन या अन्य लक्षण महसूस हों, तो स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच कराएं.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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