हेल्थ

30 की उम्र में क्यों दिखने लगे बुढ़ापे के लक्षण? ‘नेचर मेडिसिन’ की रिपोर्ट ने खोल दी खराब लाइफस्टाइल की पोल

Accelerated Aging and Cancer: क्या आपकी उम्र 30 साल है, लेकिन आपका शरीर 40 या 50 का हो चुका है? ‘नेचर मेडिसिन’ में छपी एक नई स्टडी के अनुसार, आज की युवा पीढ़ी अपनी वास्तविक उम्र (Chronological Age) से कहीं ज्यादा तेजी से जैविक रूप से (Biologically) बूढ़ी हो रही है. वैज्ञानिकों का मानना है कि शरीर के अंदरूनी अंगों का समय से पहले बूढ़ा होना ही युवाओं में 55 साल की उम्र से पहले होने वाले कैंसर (Early-onset Cancer) का सबसे बड़ा और अदृश्य कारण बन रहा है (Nature Medicine study).

वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने करीब 1.64 लाख लोगों के हेल्थ डेटा का विश्लेषण कर पाया कि तेजी से बढ़ती जैविक उम्र के कारण युवाओं में शुरुआती कैंसर का खतरा 15% तक बढ़ गया है. इसमें इम्यून सिस्टम के बूढ़े होने से फेफड़ों का और फैट टिश्यूज कमजोर होने से आंतों का कैंसर होने की संभावना ज्यादा देखी गई. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस समय से पहले बुढ़ापे के लिए मोटापा, प्रोसेस्ड फूड, शुगर, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव और प्रदूषण जैसी आधुनिक जीवनशैली जिम्मेदार है.

तेजी से बूढ़ा हो रहा शरीर और कैंसर का खतरा (biological age and cancer)

‘नेचर मेडिसिन’ पत्रिका में प्रकाशित वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के एक नए अध्ययन के अनुसार, आज की युवा पीढ़ी पिछली पीढ़ियों की तुलना में जैविक रूप से (Biologically) तेजी से बूढ़ी हो रही है. इसका मतलब है कि भले ही किसी की वास्तविक उम्र 30 साल हो, लेकिन खराब आदतों और तनाव के कारण उसके अंदरूनी अंगों की उम्र 40 से 50 साल की हो चुकी है. यही अंतर युवाओं में 55 साल की उम्र से पहले होने वाले ‘अर्ली-ऑनसेट कैंसर’ का मुख्य कारण बन रहा है.

कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है (accelerated aging and cancer)

अमेरिका और ब्रिटेन के करीब 1.64 लाख लोगों के डेटा विश्लेषण से पता चला कि तेजी से बढ़ रही बायोलॉजिकल उम्र के कारण शुरुआती कैंसर का खतरा 15% तक बढ़ जाता है. शोध में देखा गया कि इम्यून सिस्टम के समय से पहले बूढ़े होने पर फेफड़ों का कैंसर और फैट टिश्यूज कमजोर होने पर आंतों का कैंसर होने की संभावना काफी ज्यादा होती है.

वैज्ञानिकों के अनुसार,

इस समय से पहले बुढ़ापे के पीछे आज की आधुनिक जीवनशैली है. मोटापा, प्रोसेस्ड फूड, शुगर, शारीरिक निष्क्रियता, नींद की कमी, मानसिक तनाव और प्रदूषण मिलकर शरीर को भीतर से खोखला कर रहे हैं. यह शोध युवाओं के लिए अपनी सेहत के प्रति सतर्क होने की एक बड़ी चेतावनी है.

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-भारत एक्सप्रेस 

Shubhra Rai

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