देश

पूरे जम्मू कश्मीर में 80,000 किसानों ने किसान संपर्क अभियान में लिया भाग, 800 पंचायतों को मात्र तीन सप्ताह में किया गया कवर

Kisan Sampark Abhiyan: जम्मू और कश्मीर के सभी जिलों में किसान संपर्क अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम में 80,000 से अधिक किसानों ने पहले तीन दिवसीय सत्र के दौरान इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भाग लिया. इस दौरान राज्य के किसानों में भारी उत्साह देखने को मिला. बता दें कि जम्मू और कश्मीर में कृषि उत्पादन विभाग द्वारा अपनी तरह का यह पहला व्यापक किसान उन्मुखीकरण कार्यक्रम है.

800 पंचायतो तक पहुंचा यह अभियान

सूचना और जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर), जम्मू और कश्मीर ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत अब तक केंद्र शासित प्रदेश के सभी जिलों की लगभग 800 पंचायतों को कवर किया जा चुका है. जम्मू और कश्मीर में कृषि उत्पादन विभाग द्वारा अपनी तरह का यह पहला व्यापक किसान उन्मुखीकरण कार्यक्रम है. इसके तहत अगले 4 महीनों में किसान संपर्क अभियान के तहत राज्य की प्रत्येक पंचायत में किसानों तक पहुंचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है. 24 अप्रैल को शुरू हुया यह अभियान 31 अगस्त, 2023 को समाप्त होगी. इस महत्वाकांक्षी किसान आउटरीच कार्यक्रम की योजना हाल ही में शुरू किए गए समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) के तहत बनाई गई है.

लघु फिल्मों का उपयोग

इस संबंध में सरकार द्वारा एक विस्तृत जिला-विशिष्ट कैलेंडर जारी किया गया है. इन उन्मुखीकरण कार्यक्रमों में कृषि, पशु/भेड़पालन, बागवानी, रेशम उत्पादन और मत्स्य पालन विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे, जिन्हें जनवरी से अप्रैल के महीनों के दौरान सभी जिलों में आयोजित 641 प्रशिक्षण सत्रों के दौरान पहले ही प्रशिक्षित किया गया था. लघु फिल्मों का उपयोग करते हुए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का वर्णन करने के लिए एक नायाब उपकरण स्थापित किया गया है. एचएडीपी और अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत योजनाओं के कुल 49 वीडियो जम्मू-कश्मीर के सभी स्थानों पर किसानों को दिखाए जाएंगे.

इसे भी पढ़ें: घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने वाले श्रीनगर के समीर बख्टू युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणास्त्रोत

प्रश्न-उत्तर सत्र का भी आयोजन

किसानों की शंकाओं को दूर करने के लिए वीडियो के प्रत्येक स्क्रीनिंग सत्र के बाद प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं. एक पुस्तिका के रूप में तीन भाषाओं (हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी) में सभी योजनाओं के पैम्फलेट किसानों को प्रदान किए जा रहे हैं, जिसमें यूटी के कृषि उत्पादन विभाग के तहत सभी विभागों के संपर्क विवरण के बारे में जानकारी भी शामिल है. केंद्रशासित जम्मू-कश्मीर प्रदेश के कृषि-जलवायु क्षेत्रों के अनुसार 118 कौशल पाठ्यक्रम किसानों के लिए मुफ्त में उपलब्ध हैं. पैम्फलेट के पीछे क्यूआर कोड का एक सरल स्कैन किसान को दक्ष किसान पोर्टल पर ले जाता है, जहां वह मुफ्त में पंजीकरण कर सकते हैं और अपनी पसंद का कोई भी कौशल पाठ्यक्रम शुरू कर सकते हैं. इसके अलावा पाठ्यक्रम को पूरा करने वाले सफल किसानों को SKUAST-J/K से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा.

Rohit Rai

Recent Posts

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेताओं ने दीं धनतेरस की शुभकामनाएं

धनतेरस के पावन अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं की ओर से…

43 minutes ago