दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (फोटो- @Arvindkejriwal)
Aam Aadmi Party: आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस साल के अंत में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. पार्टी ने लोगों को जुड़ने के लिए मिस कॉल नंबर भी जारी किया है. पार्टी के संगठन महासचिव संदीप पाठक ने प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस पर विनाशकारी राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में ‘आप’ लोगों के सामने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के मॉडल को रखेगी.
पाठक ने मध्यप्रदेश में हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन का हवाला दिया और कहा कि ‘आप’ यहां अगली सरकार बनाएगी. उन्होंने कहा कि हम सभी विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारेंगे और अपनी पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे. आम आदमी पार्टी के नेता ने मध्यप्रदेश में पार्टी सदस्यता अभियान शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा, “चूंकि हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं की संख्या मध्य प्रदेश में कई गुना बढ़ गई है, इसलिए हमने अपनी राज्य कार्यकारी समिति को भंग कर दिया ताकि इसका विस्तार किया जा सके और नए चेहरों को जोड़ा जा सके.”
उन्होंने दावा किया कि लोग चुनाव लड़ते हैं. हमारी पार्टी तेजी से मजबूत हुई है, जो पिछले साल मध्य प्रदेश में निकाय चुनावों के दौरान मेयर का चुनाव जीतने पर देखा गया. कई जगहों पर हमारे पार्षद भी जीते हैं. स्थानीय निकायों के चुनावों ने दोनों दलों को एक जोरदार और स्पष्ट संदेश दिया है. संदीप पाठक ने आगामी चुनाव में आप की सरकार बनाने का दावा किया.
पाठक ने कहा कि ‘आप’ तेजी से देश में एक वैकल्पिक राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी है और केवल 10 वर्षों में दिल्ली और पंजाब में सरकार बनाकर और गुजरात में प्रभावशाली प्रदर्शन करके एक राष्ट्रीय पार्टी बन गई है. बता दें कि पिछले दिसंबर में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में ‘आप’ ने 180 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से उसने पांच सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि भाजपा ने 182 सदस्यीय सदन में रिकॉर्ड 156 सीटें जीतकर लगातार सातवीं बार सरकार बनाई थी.
वहीं दिल्ली के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी और सरकार बनाई. इसके बाद पार्टी ने गुजरात चुनावों के दौरान भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर कांग्रेस का गेम बिगाड़ दिया था. अब आम आदमी पार्टी ने एमपी चुनावों में उतरने का ऐलान किया है, जिसके बाद कांग्रेस की टेंशन बढ़ सकती है.
मध्य प्रदेश में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कुल 230 सीटों में से कांग्रेस 114 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी और भाजपा को 109 सीटें मिली थीं. कांग्रेस ने बाद में कमलनाथ के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनाई थी. हालांकि, मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस के कई विधायकों के भाजपा में जाने के बाद भगवा पार्टी की सत्ता में वापसी हो गई.
-भारत एक्सप्रेस
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