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लद्दाख हिंसा में पहला एक्शन, सोनम वांगचुक पर चला ‘हंटर’; गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला

Action On Sonam Wangchuk: लद्दाख में पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों (Ladakh Protest Violence) के ठीक 24 घंटे बाद, केंद्र सरकार ने लद्दाख के प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर बड़ी कार्रवाई की है. गृह मंत्रालय ने वांगचुक से जुड़ी गैर-लाभकारी संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. सरकार का आरोप है कि इस NGO ने विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों का बार-बार उल्लंघन किया, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है.

गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि वांगचुक के भड़काऊ बयानों ने भीड़ को उकसाया, जिसके कारण क्षेत्र में 1989 के बाद सबसे गंभीर हिंसा हुई. FCRA लाइसेंस रद्द करने के पीछे संस्था द्वारा विदेशी और स्थानीय धन का गलत इस्तेमाल करने और लेखा विवरण में अनियमितता जैसे कई उल्लंघन (Sonam Wangchuk NGO License Revokes) बताए गए हैं.

क्या है FCRA लाइसेंस?

FCRA लाइसेंस एक प्रकार की अनुमति है जो गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के लिए आवश्यक होती है. इस लाइसेंस के बिना, एनजीओ विदेश से कोई भी फंडिंग नहीं ले सकते हैं.

क्यों रद्द किया गया लाइसेंस? (Sonam Wangchuk NGO License Revokes)

गृह मंत्रालय ने अपनी जांच में पाया कि SECMOL ने FCRA नियमों का उल्लंघन किया है. इसमें स्थानीय धनराशि का गलत तरीके से उपयोग, विदेशी दान का सही तरीके से विवरण न देना और FCRA नियमों का अन्य उल्लंघन शामिल है. मंत्रालय ने 20 अगस्त 2025 को शो कॉज नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब 19 सितंबर को मिला, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं था.

Sonam Wangchuk की प्रतिक्रिया

सोनम वांगचुक ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि सरकार उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि उनकी संस्था ने हमेशा नियमों का पालन किया है और विदेशी फंडिंग का सही तरीके से उपयोग किया है.

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लद्दाख हिंसा में 4 लोगों की मौत

लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे. सरकार ने इस हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि उनके भड़काऊ बयानों के कारण भीड़ को उकसाया गया था. अब देखना यह है कि आगे क्या होता है और सोनम वांगचुक की संस्था का भविष्य क्या होगा. यह मामला अभी और चर्चा में रहने की संभावना है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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