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UP Budget 2024: योगी के बजट पर अखिलेश ने उठाए कई सवाल, मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना का बदल दिया नाम, बोले- ‘सांड…”

UP Budget 2024: सोमवार को यूपी की योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा आम बजट पेश हो गया. विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए योगी सरकार की उपलब्धियों के बारे में भी बताया. इसके अतिरिक्त महिलाओ, युवाओं व किसानों सभी के लिए पिटारा खोला गया है. योगी सरकार ने इस बजट में किसानों के लिए मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना शुरू करने की घोषणा की है. तो वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस योजना को लेकर चुटकी ली है और कहा है कि मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना शुरू हो रही, इसका नाम होना चाहिए था सांड खेत सुरक्षा योजना. इसी के साथ ही अखिलेश ने ये भी कहा है कि क्या इसके लिए कोई नई भर्ती होगी, कौन बचाएगा खेतों को?

पत्रकारों से बात करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट को लेकर कहा कि क्या लोगों को महंगाई से राहत मिली, क्या आय दोगुनी हुई. सात लाख, आठ लाख करोड़ का बजट बताया जा रहा है, इस डबल इंजन की सरकार में युवाओं के पास रोजगार नहीं, सड़क बनी नहीं, नाले बने नहीं, नदियों की दशा खराब है. आगे उन्होंने पीडीए को लेकर कहा कि PDA के लोगों की FIR नहीं लिखी जा रही है, कोर्ट से कराना पड़ रहा है. यहां ईज ऑफ डूइंग करप्शन चल रहा है.

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आंकड़ों को छुपा रही है सरकार

इसी के साथ ही अखिलेश ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि लोहिया अस्पताल में आज तक डायरेक्टर नहीं है, जनता को लखनऊ आना पड़ रहा है. जिलों में इलाज की सुविधा नहीं है. इसी के साथ ही अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि “जो डबल इंजन की सरकार है इसको हिसाब किताब देना चाहिए दिल्ली के 10 साल और उत्तर प्रदेश के 7 साल का. अभी भी सड़कों पर गड्ढे क्यों नहीं भरे? नाले भर नहीं पाए? नौकरी नहीं, रोजगार नहीं, किसान की आय दोगुनी नहीं.” इसी के साथ ही आगे उन्होंने कहा कि “जब तक गैर बराबरी नहीं खत्म होगी तो सबका साथ कैसे होगा? यह केवल बजट 10 परसेंट संपन्न लोगों के लिए बना रहे हैं, 90 परसेंट लोगों के लिए बजट नहीं है. इससे यही होगा कि गैर बराबरी बढ़ेगी, अमीर गरीब के बीच दूरी बढ़ेगी.” सपा प्रमुख ने आगे कहा कि “सरकार आंकड़ों को छुपा रही है. सबसे ज्यादा जो पीड़ित, दु:खी या जिसके साथ अन्याय हो रहा है, भेदभाव हो रहा है वही 90% PDA लोग हैं. जिनकी थानों में रिपोर्ट नहीं हो रही, कोई सुनवाई नहीं है.”

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

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