इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ जिले के याकूब पुर (मुहम्दाबाद गोहना) के चकमार्ग पर हुए अतिक्रमण के मामले में दो कमीशन के बाद भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
कोर्ट ने कहा है कि अभी तक चकमार्ग खाता संख्या 743 व चकमार्ग संख्या 665 का खतौनी के रकबा का सीमांकन स्पष्ट नहीं हो पाया है. जबकि, इसके लिए दो बार कमीशन भेजकर चिन्हांकन की कोशिश की गई. दोनों बार की रिपोर्ट अलग-अलग है. इसलिए जिलाधिकारी हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करें. यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सेवानिवृत्त फौजी महेश सिंह की जनहित याचिका पर अधिवक्ता चंद्रकांत त्रिपाठी को सुनकर दिया है.
अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अतिक्रमण मामले में दोबारा नाप कराई गई, जो पहले बार कराई गई नाप से अलग है. कोर्ट ने दो अलग-अलग सीमांकन रिपोर्ट को देखते हुए डीएम से रिपोर्ट तलब किया और 14 जुलाई को सुनवाई तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.
मालूम हो कि पहला न्यायिक कमीशन सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ, बाकर शमीम रिजवी के नेतृत्व में गाव याकूब पुर गया था. कमीशन की रिपोर्ट स्पष्ट न आने पर दूसरा न्यायिक कमीशन विशेष जज पाक्सो को भेजा गया था. दूसरे कमीशन की रिपोर्ट अलग आई. प्लाट का चिन्हांकन नहीं किया जा सका गाव का नक्शा की दोषपूर्ण है जिसके कारण संबंधित प्लाटो का चिन्हांकन नहीं हो सका है. कोर्ट ने जिला कलेक्टर से चक अतिक्रमण भूमि की रिपोर्ट हलफनामे में तलब की है.
-भारत एक्सप्रेस
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे पर…
Greater Noida 5 Dead Case: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में 5 मौतों के पीछे क्या…
गूगल और अदाणी कॉनेक्स की साझेदारी में विशाखापत्तनम में बनने वाले मेगा डेटा सेंटर पारंपरिक…
Adani Group News: विशाखापत्तनम में अदाणीकॉनेक्स और गूगल के प्रस्तावित AI डेटा सेंटर को लेकर…
महाअष्टमी पर CM योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और…
Pakistan News: डूरंड लाइन पर अफगानिस्तान से तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना की चीन निर्मित…