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दो न्यायिक कमीशन के बाद भी चकमार्ग प्लाट का नहीं हो सका चिन्हांकन, कोर्ट ने कलेक्टर मऊ से मांगी रिपोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ जिले के याकूबपुर में चकमार्ग पर अतिक्रमण के मामले में दो अलग-अलग न्यायिक कमीशन की रिपोर्टों के बाद भी स्पष्टता न होने पर डीएम से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया है. अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी.

Allahabad High Court

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Edited by Akansha

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ जिले के याकूब पुर (मुहम्दाबाद गोहना) के चकमार्ग पर हुए अतिक्रमण के मामले में दो कमीशन के बाद भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

कोर्ट ने कहा है कि अभी तक चकमार्ग खाता संख्या 743 व चकमार्ग संख्या 665 का खतौनी के रकबा का सीमांकन स्पष्ट नहीं हो पाया है. जबकि, इसके लिए दो बार कमीशन भेजकर चिन्हांकन की कोशिश की गई. दोनों बार की रिपोर्ट अलग-अलग है. इसलिए जिलाधिकारी हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करें. यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सेवानिवृत्त फौजी महेश सिंह की जनहित याचिका पर अधिवक्ता चंद्रकांत त्रिपाठी को सुनकर दिया है.

अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अतिक्रमण मामले में दोबारा नाप कराई गई, जो पहले बार कराई गई नाप से अलग है. कोर्ट ने दो अलग-अलग सीमांकन रिपोर्ट को देखते हुए डीएम से रिपोर्ट तलब किया और 14 जुलाई को सुनवाई तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.

मालूम हो कि पहला न्यायिक कमीशन सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ, बाकर शमीम रिजवी के नेतृत्व में गाव याकूब पुर गया था. कमीशन की रिपोर्ट स्पष्ट न आने पर दूसरा न्यायिक कमीशन विशेष जज पाक्सो को भेजा गया था. दूसरे कमीशन की रिपोर्ट अलग आई. प्लाट का चिन्हांकन नहीं किया जा सका गाव का नक्शा की दोषपूर्ण है जिसके कारण संबंधित प्लाटो का चिन्हांकन नहीं हो सका है. कोर्ट ने जिला कलेक्टर से चक अतिक्रमण भूमि की रिपोर्ट हलफनामे में तलब की है.

-भारत एक्सप्रेस 



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