अनंत सिंह की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने की रद्द
Anant Singh Bail Cancelled: बिहार में मोकामा के बाहुबली विधायक और पूर्व जेडीयू नेता अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने पटना हाईकोर्ट से मार्च में मिली उनकी जमानत रद्द कर दी है. साथ ही उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर जेल जाने का आदेश दिया है. अनंत सिंह की जमानत रद्द करने की मांग दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर की थी.
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने मामले की सुनवाई की. इस दौरान अनंत सिंह के वकील ने अदालत को बताया कि उनके परिवार में 25 नवंबर को शादी है. इस पर अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करके जेल लौटने का निर्देश दिया.
पीठ ने कहा कि पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत देते समय अपराध की प्रकृति और उनके आपराधिक इतिहास पर उचित तरीके से विचार नहीं किया था. इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश को निलंबित करते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी.
अदालत ने बिहार सरकार को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश भी दिया है. जांच पूरी होने के बाद इस मामले में अगली सुनवाई होगी.
दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने पटना हाईकोर्ट के 19 मार्च के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने इसी दिन अनंत सिंह को हत्याकांड में जमानत दी थी.
नीरज कुमार ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत देते समय उनके आपराधिक इतिहास पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द कर अनंत सिंह को दोबारा जेल भेजने की मांग की थी.
इस मामले में बिहार सरकार भी पक्षकार है. मुकदमे में राज्य सरकार पार्टी नंबर एक और अनंत सिंह पार्टी नंबर दो हैं.
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल बिहार सरकार के हलफनामे में अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास का विस्तार से जिक्र किया गया है. राज्य सरकार के मुताबिक, अनंत सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में कुल 62 मुकदमे दर्ज हैं.
हलफनामे में उनके आपराधिक इतिहास को ‘बहुत भारी क्रिमिनल हिस्ट्री’ बताया गया है. बिहार सरकार ने 24 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल किया था.
इससे पहले 29 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को स्पष्ट कर दिया था कि 30 अक्टूबर की सुनवाई टाली नहीं जाएगी. सितंबर में अनंत सिंह ने हलफनामा दाखिल करने के लिए अदालत से कुछ और समय मांगा था.
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अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक जेल जाना होगा. वहीं, बिहार सरकार को चार महीने में जांच पूरी करनी है, जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी.
-भारत एक्सप्रेस
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