अनुराग ठाकुर.
National Herald Scam Case: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर करारा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी बार-बार लॉन्च करने का प्रयास करती है और जनता के पास ले जाती है, लेकिन विफल हो जाती है. नेशनल हेराल्ड का नाम सुनते ही आज कांग्रेस पार्टी के पूरे इकोसिस्टम में छटपटाहट, कंपकंपाहट, धड़धड़ाहट, डगमगाहट, लड़खड़ाहट होने लगती है.
अनुराग ठाकुर ने कहा, ऐसे sensation होने लाजमी भी हैं, क्योंकि चोरी करते हुए फिर से पकड़े जो गए हैं. आजादी के बाद आज तक अगर आप कांग्रेस का इतिहास देखेंगे तो एक नहीं बल्कि अनेक घोटाले सामने आए हैं, लेकिन ये (नेशनल हेराल्ड) अपने आप में एक ऐसा मॉडल है, जो किसी के गले नहीं उतर रहा है.
यंग इंडियन ने मात्र 50 लाख रुपये में 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल की. कांग्रेस पार्टी ने शेष राशि को माफ कर दिया. पहला सवाल जो उठता है, वह यह है कि क्या कांग्रेस पार्टी के पास ऋण देने का अधिकार है? दूसरा यह है, क्या वे इस पर कोई ब्याज कमा रहे थे? आमतौर पर, अखबार कागज पर छपते हैं, लेकिन नेशनल हेराल्ड एक अखबार था जो केवल कागजों पर अस्तित्व में था.
उन्होंने कहा, यह एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी है जो नेशनल हेराल्ड घोटाले के बारे में है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस पार्टी ने अपने नेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए अवैध रूप से संपत्ति हासिल की. अब सवाल खड़ा होता है कि क्या कांग्रेस पार्टी लोन दे सकती है? लोन दिया था, तो क्या उसपर ब्याज लिया जाता था?
अनुराग ठाकुर ने कहा, नेशनल हेराल्ड नेहरू जी ने 1938 में शुरू किया था, वो चल नहीं पाया, लेकिन AJL के लिए ऐसी कौनसी मजबूरी हो गई कि उसको बचाने के लिए Young Indians के नाम से एक कंपनी बनाई गई, और उसमें भी एक परिवार को 76% हिस्सेदारी दी गई. इतना ही नहीं, Young Indians को बनाने के लिए 50 लाख का लोन भी कांग्रेस ने ही दिया. दूसरी ओर AJL पर कांग्रेस का 90 करोड़ का कर्ज है. ये संपत्ति 2 हजार करोड़ की है. और मजेदार बात ये है कि 2,000 करोड़ की ये संपत्ति मात्र 50 लाख रुपये में Young Indians के नाम हो जाती है. कांग्रेस एजीएल का बकाया 89.50 करोड़ रुपये माफ कर देती है.
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा, कुछ कागजी अखबार भी होते हैं, जो छपते भी नहीं, बिकते भी नहीं, बंटते भी नहीं, दिखते भी नहीं और पढ़े भी नहीं जाते, ये उनमें से एक है. कांग्रेस शासित राज्य में मुख्यमंत्री इसके लिए विज्ञापन देते हैं, वो ये विज्ञापन किस आधार पर देते हैं? मेरे अपने राज्य हिमाचल प्रदेश में बड़े-बड़े दैनिक अखबारों को चवन्नी मिलती है, वहीं नेशनल हेराल्ड को चांदी के सिक्के मिलते हैं.
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उन्होंने कहा, यह एक अखबार था जो स्वतंत्रता से पहले स्थापित किया गया था, जिसमें 1,000 से अधिक शेयरधारक थे. अगर कांग्रेस पार्टी ऋण को माफ करना चाहती थी, तो एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) का ऋण सीधे क्यों नहीं माफ किया गया? यंग इंडियन बनाने की क्या आवश्यकता थी, जिसमें 76% शेयर एक ही परिवार के पास थे? कांग्रेस के दो पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों के पास 36% हिस्सेदारी थी, जिससे पारदर्शिता और इरादे पर गंभीर सवाल उठते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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