छत्तीसगढ़ के बस्तर में लाल आतंक के खिलाफ चल रही जंग अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की जो समयसीमा तय की थी, उसका असर अब जमीन पर साफ नजर आने लगा है. बुधवार को बस्तर संभाग में माओवाद को एक ऐसा तगड़ा झटका लगा है, जिससे संगठन की जड़ें हिल गई हैं. ‘पूना मारगेम’ यानी नई सुबह की पहल के तहत एक साथ 108 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है.
जगदलपुर के लालबाग स्थित शौर्य भवन में दोपहर 2 बजे आयोजित इस कार्यक्रम का नजारा बेहद भावुक और ऐतिहासिक था. जिन 108 नक्सलियों ने सरेंडर किया, उन पर कुल मिलाकर 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. ये सभी ‘दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी’ (DKSZC) जैसे खतरनाक नेटवर्क से जुड़े हुए थे. सरेंडर करने वालों में बीजापुर के 37, दंतेवाड़ा के 30, सुकमा के 18 और बस्तर-कांकेर-नारायणपुर के नक्सली शामिल हैं. इन लोगों ने पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारियों के सामने कसम खाई कि वे अब बंदूक छोड़कर सामान्य जीवन जिएंगे.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने जंगलों में छिपे हथियारों और बारूद का अब तक का सबसे बड़ा जखीरा बरामद किया है.
बता दें कि इस कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में बरामद आईईडी, विस्फोटक और घातक हथियार भी प्रदर्शित किए. ये इस बात का सबूत है कि अब नक्सली नेटवर्क के पास न तो कैडर बचे हैं और न ही सुरक्षित ठिकाने.
गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार दोहराया है कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का सफाया उनकी प्राथमिकता है. सरकार की ‘समर्पण और पुनर्वास नीति’ इसी रणनीति का हिस्सा है.
बता दें कि पिछले दो सालों के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2700 से ज्यादा नक्सली हथियार डाल चुके हैं. सरकार इन पूर्व नक्सलियों को न केवल आर्थिक सहायता दे रही है, बल्कि उन्हें घर, बच्चों की पढ़ाई और रोजगार का प्रशिक्षण भी मुहैया करा रही है.
वहीं, पिछले एक साल का रिकॉर्ड के मुताबिक नक्सलियों के हौसले पस्त नजर आते हैं. 17 अक्टूबर 2025 को सतीश उर्फ रूपेश जैसे बड़े नेता के साथ 210 कैडरों का सरेंडर हो या हाल ही में 7 मार्च को तेलंगाना में हुआ 130 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, हर घटना 31 मार्च की उस डेडलाइन की ओर इशारा कर रही है जिसे केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर तय किया है.
ये भी पढ़ें: क्या है ESMA? LPG की किल्लत के बीच सरकार ने क्यों किया लागू
-भारत एक्सप्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक सेवा काल को पूरा करने के अवसर…
India Vs Afghanistan T20: भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में…
Russia Europe Tensions: रूस की ओर से यूरोप में लगातार हो रही 'उकसावे की कार्रवाइयों'…
JDU Patna Meeting: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है.…
ग्रेटर नोएडा के मूर्ति चौक पर तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे युवक…
BPSSC Chairman Leave: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व…