मिडिल ईस्ट में इस वक्त हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. अमेरिका और इजरायल का ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) अपने 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है. जंग के मैदान से तबाही की खबरें तो आ ही रही हैं, लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर ‘फेक न्यूज’ का बाजार भी गर्म है. पिछले कुछ घंटों से एक खबर आग की तरह फैल रही है कि ईरान के पलटवार में इजरायल के कद्दावर मंत्री इतामार बेन-गविर और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाई इड्डो नेतन्याहू मारे गए हैं.
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे ईरान की बड़ी जीत बताकर जश्न मना रहे हैं. लेकिन क्या वाकई इजरायल को इतना बड़ा जख्म मिला है? आइए, इस वायरल दावे की हकीकत जानते हैं.
इंटरनेट पर चल रही खबरों में दावा किया जा रहा है कि ईरान के हवाई हमले में इजरायल के नेशनल सिक्योरिटी मंत्री इतामार बेन-गविर के घर में भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसने के कारण उनकी मौत हो गई.
कुछ पोस्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू के भाई इड्डो नेतन्याहू भी इस हमले की चपेट में आ गए. इतना ही नहीं, कुछ लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि बेन-गविर की मौत की खबर छिपाने के लिए इजरायल उनके ‘कार एक्सीडेंट’ की पुरानी खबर का सहारा ले रहा है.
अगर हम आधिकारिक रिपोर्ट्स और वैश्विक मीडिया की खबरों को देखें, तो इन मौतों की खबर पूरी तरह फर्जी नजर आती है. तेल अवीव में मंत्री बेन-गविर के घर पर किसी भी बड़े हमले या आग लगने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसी तरह, इड्डो नेतन्याहू की मौत को लेकर भी इजरायल सरकार या किसी विश्वसनीय समाचार एजेंसी ने कोई बयान जारी नहीं किया है.
दरअसल, बेन-गविर के जिस कार एक्सीडेंट का जिक्र सोशल मीडिया पर किया जा रहा है, वह अप्रैल 2024 की घटना है. उस वक्त इजरायल के रामल्ला शहर में मंत्री की कार ने रेड लाइट तोड़ी थी और दूसरी गाड़ी से टकरा गई थी. उस हादसे में उन्हें और उनकी बेटी को मामूली चोटें आई थीं. अब उसी साल भर पुरानी घटना की तस्वीरों और वीडियो को मौजूदा ईरान-इजरायल तनाव से जोड़कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है.
ये सच है कि ईरान और इजरायल के बीच जंग भीषण रूप ले चुकी है. ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने इजरायल पर जबरदस्त हवाई हमले किए हैं. डेटा के मुताबिक, 28 फरवरी से 4 मार्च के बीच ईरान ने इजरायल पर 90 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए. वहीं, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी का दावा है कि उन्होंने करीब 500 बैलिस्टिक मिसाइलें और 2000 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं. इन हमलों में जान-माल का नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन किसी वीवीआईपी (VVIP) के मारे जाने की खबर अब तक महज एक अफवाह ही साबित हुई है.
इस जांच से ये साफ है कि इजरायली मंत्री और नेतन्याहू के भाई के मारे जाने का दावा झूठा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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