काशी के घाटों पर कुछ इस तरह लिखा गया है
सौरभ अग्रवाल
Chhath Puja-2023: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के लिए भी काशी में ‘भौकाल’ का जमकर सहारा लिया जा रहा है. कहा जाता है कि भगवान के सामने अमीर-गरीब, अधिकारी- चपरासी सभी समान होते हैं, लेकिन काशी में छठ पूजा के लिए वेदी बनाने और स्थान सुरक्षित करने के लिए लोगों ने ‘भौकाल’ यानी दबदबा बनाने के लिए अपने वीआईपी होने का दावा प्रस्तुत किया है, ताकि उनके स्थान पर कोई और वेदी न बना सके.
गंगा घाटों पर छठ पूजा के लिए वेदी बनाने पहुंचे लोगों ने खुलेआम पेंट से अपनी वेदी के सामने वीवीआईपी, सचिवालय, सर्किट हाउस, बीजेपी, बिहार पुलिस लिखकर अपना रूतबा कायम रखने की भरपूर कोशिश की है. छठ पूजा के लिए भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए स्थान सुरक्षित करने लिए वीआईपी साबित करने का यह तरीका चर्चा का विषय बना हुआ है और इसको लेकर वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
बता दें कि लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर काशी में हर तरफ उत्साह और उमंग का माहौल है. बिहार में मुख्य त्यौहार की तरह मनाया जाने वाला छठ अब पूर्वी उत्तर प्रदेश का भी बड़ा पर्व बन गया है. काशी के गंगा घाटों, तालाबों, कुंडों, सरोवरों पर लोक आस्थावानों का रेला इस त्योहार को मनाने के लिए उमड़ता है. यही वजह है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते जल स्रोत के पास वेदी बनाने और स्थान सुरक्षित करने के लिए भी लंबी जद्दोजहद करनी पड़ती है. काशी के गंगा घाटों पर छठ पूजा के लिए बड़ी संख्या में स्थान के भर जाने के कारण यहां इंच-इंच जगह के लिए मारामारी की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. ऐसे में इस बार अपने स्थान को सुरक्षित करने और दबदबा बनाने के लिए लोगों ने नया फार्मूला इजाद कर वीआईपी कल्चर को आस्था के पर्व पर भी लागू करने की कोशिश की है.
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डाला छठ की व्रती महिलाएं रविवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी. इस दौरान घाटों की ओर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ेगा. इसके मद्देनजर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने रविवार की दोपहर दो बजे के बाद घाटों की तरफ जाने वाले रास्तों पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है. वाराणसी पुलिस के अनुसार सामने घाट, रविदास घाट, नगवां, अस्सी घाट, केदार घाट, दशाश्वमेध घाट, सिंधिया घाट, राजघाट, नमोघाट समेत गंगा के अन्य घाटों की तरफ वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा. पाबंदी सोमवार की सुबह उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने तक लागू रहेगी. वाराणसी के जिलाधिकारी व पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह व्यवस्था लागू की है. रविवार दोपहर दो बजे के बाद वाहन घाटों की तरफ न जाएंगे और न ही उन मार्गों पर वाहन खड़े किए जा सकेंगे.
कल यानी रविवार को दोपहर 2 बजे के बाद गंगा नदी में चप्पू वाली नावों का संचालन भी प्रतिबंधित कर दिया गया है. जिला प्रशासन ने गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना और ऐसे में कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए ऐहतियात के तौर पर छोटी नावों के संचालक को कल दोपहर बाद प्रतिबंधित कर दिया है. गंगा घाटों पर भगदड़ की स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए क्राउड मैनेजमेंट की भी व्यवस्था की गई है. जगह-जगह पुलिस ने बैरिकेडिंग करायी है, साथ ही एनडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया गया है. सभी एडीसीपी, एसीपी, एसओ को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बरतने के निर्देश जारी किया गया हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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