स्मार्टफोन पर रील देखते युवा का क्रिएटिव दृश्य, PC- @CHATGPT
Bihar Internet Usage record break: स्मार्टफोन की स्क्रीन पर घंटों स्क्रॉलिंग, रील शेयरिंग और ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग के मामले में भारत ने इंटरनेट खपत के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में रील देखने और रोजाना डेटा उड़ाने के मामले में बिहार सबसे आगे निकल गया है.
वहीं सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बिहार में आबादी के अनुपात में फोन कनेक्शन (टेली-डेंसिटी) देश में सबसे कम है, लेकिन इसके बावजूद इंटरनेट डेटा की दैनिक खपत में बिहार ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे बड़े व विकसित राज्यों को भी पछाड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है.
दूरसंचार विभाग के सर्किलवार आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में रोजाना करीब 49.1 पेटाबाइट डेटा खर्च हो रहा है, जो लगभग 5 करोड़ 14 लाख जीबी (GB) डेटा के बराबर बैठता है. ट्राई के आंकड़ों में बिहार की टेली-डेंसिटी भले ही देश में सबसे कम दर्ज की गई हो, लेकिन साफ है कि जितने भी लोगों के हाथ में स्मार्टफोन और इंटरनेट पहुंचा है, वे उसका इस्तेमाल मनोरंजन के लिए दबाकर कर रहे हैं.
यह भी बता दें कि डेटा खपत की इस रेस में 48.7 पेटाबाइट के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है, जबकि 42.31 पेटाबाइट के साथ उत्तर प्रदेश (पूर्वी क्षेत्र) तीसरे नंबर पर खिसक गया है. इसके बाद गुजरात (42.2 पीबी) और मध्य प्रदेश (41.3 पीबी) का नंबर आता है.
देशभर के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की पहली पसंद और डेटा खत्म करने का सबसे बड़ा जरिया अब भी वीडियो स्ट्रीमिंग ऐप्स ही बने हुए हैं. कुल डेटा खपत में अकेला यूट्यूब 24.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ पहले पायदान पर कब्जा जमाए हुए है, यानी देश में खर्च होने वाले कुल डेटा का एक-चौथाई हिस्सा सिर्फ यूट्यूब पर वीडियो देखने में जा रहा है.
इसके बाद शॉर्ट रील्स के दीवानों की बदौलत इंस्टाग्राम 21.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे और फेसबुक 17.5 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है. वहीं Google सर्च पर 5.2 प्रतिशत और व्हाट्सएप पर महज 3.5 प्रतिशत डेटा खर्च हो रहा है.
शॉर्ट्स और रील का क्रेज: इंस्टाग्राम रील, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वॉच पर लगातार स्क्रॉलिंग से मेगाबाइट तेजी से खत्म होते हैं.
ओटीटी और HD वीडियो स्ट्रीमिंग: नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार और यूट्यूब पर 4K/HD क्वालिटी में वीडियो देखना.
ऑटो-अपडेट और बैकग्राउंड फाइल डाउनलोडिंग: बड़ी फाइलों, मोबाइल गेम्स और ऐप्स के ऑटो-अपडेट से बैकग्राउंड डेटा की भारी खपत.
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एरिक्सन की जून 2026 की मोबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर स्मार्टफोन यूजर औसतन 37 जीबी डेटा प्रति माह खर्च कर रहा है, जो अगले पांच सालों में बढ़कर 70 जीबी प्रति माह तक पहुंचने का अनुमान है. रिपोर्ट (Bihar Data Consumption) बताती है कि सस्ते 5G स्मार्टफोन और बेहतर नेटवर्क कवरेज के चलते 2031 तक देश में 5G सब्सक्राइबरों की संख्या 1 अरब 10 करोड़ (81% पैठ) के पार निकल जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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