कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (18 सितंबर) को एक बार फिर से पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए चुनाव आयोग पर निशाना साधा औऱ कई आरोप लगाएं. राहुल गांधी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने आरोपों को लेकर सबूत भी पेश किए.
इन आरोपों के बाद एक नया राजनीतिक बवाल मच गया. राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर हताशा में बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया.
अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर भारत में बांग्लादेश और नेपाल जैसे हालात पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बार-बार चुनावी हार के बाद लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में कांग्रेस लगभग 90 चुनाव हार चुकी है. उनकी हताशा दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. उन्होंने आरोपों की राजनीति को अपना आभूषण बना लिया है. गलत और निराधार आरोप लगाना राहुल गांधी की आदत बन गई है. माफ़ी मांगना और अदालतों से फटकार खाना राहुल गांधी की दिनचर्या बन गई है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने “हाइड्रोजन बम” का वादा तो किया था, लेकिन वे केवल “पटाखे” लेकर आए.
इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सॉफ्टवेयर में हेराफेरी और फर्जी ऐप्स का इस्तेमाल करके मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यकों को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है.
अपने आरोप के समर्थन में राहुल गांधी ने कर्नाटक के अलंद निर्वाचन क्षेत्र के केस स्टडीज़ पेश किए और कहा कि “धोखाधड़ी जानबूझकर और व्यापक रूप से की गई थी.” राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उन्हें इस मतदान धोखाधड़ी का पर्दाफाश करने में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के लिए काम करने वाले लोगों से “मदद” मिल रही है.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, “हमें चुनाव आयोग के अंदर से मदद मिलनी शुरू हो गई है. मैं स्पष्ट कर रहा हूँ कि अब हमें चुनाव आयोग के अंदर से जानकारी मिल रही है. पहले ऐसा नहीं होता था, लेकिन अब हमें चुनाव आयोग के अंदर से जानकारी मिल रही है और यह रुकने वाला नहीं है. भारत की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी. एक बार युवाओं को पता चल जाएगा कि वोट चोरी हो रही है, तो उनकी ताकत आ जाएगी.”
भारत के चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा “वोट चोरी” संबंधी लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी मतदाता का नाम ऑनलाइन माध्यम से नहीं हटाया जा सकता. चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, “राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं. किसी भी मतदाता द्वारा ऑनलाइन किसी भी वोट को नहीं हटाया जा सकता, जैसा कि राहुल गांधी ने गलत समझा है. प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना कोई भी नाम हटाया नहीं जा सकता.” चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप निराधार और गलत हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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