भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को ‘गलत और निराधार’ बताते हुए खारिज कर दिया. चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वोट को ऑनलाइन डिलीट नहीं किया जा सकता. आयोग ने इसको लेकर पर पांच सूत्रीय जवाब दिए. राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं.
चुनाव आयोग की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा आज अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए जाने के तुरंत बाद आई.
राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं: चुनाव आयोग
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, चुनाव आयोग ने कहा, “राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं. जनता का कोई भी सदस्य ऑनलाइन किसी भी वोट को नहीं हटा सकता, राहुल गांधी को गलतफहमी हुई है. प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना वोट नहीं हटाया जा सकता.”
हालांकि, चुनाव आयोग ने स्वीकार किया कि 2023 में कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाने के कुछ असफल प्रयास किए गए थे और इस मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग ने स्वयं एक प्राथमिकी दर्ज की थी.
चुनाव आयोग ने कहा,
2023 में, अलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाने के कुछ असफल प्रयास किए गए थे और इस मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग के प्राधिकार ने स्वयं एक प्राथमिकी दर्ज की थी. रिकॉर्ड के अनुसार, अलंद विधानसभा क्षेत्र से 2018 में सुभाध गुट्टेदार (भाजपा) और 2023 में बीआर पाटिल (कांग्रेस) ने जीत हासिल की थी.
❌Allegations made by Shri Rahul Gandhi are incorrect and baseless.#ECIFactCheck
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— Election Commission of India (@ECISVEEP) September 18, 2025
मुख्य चुनाव आयुक्त पर ‘वोट चोरी’ को बचाने का आरोप
गुरुवार के प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि वह “भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वाले लोगों को बचा रहे हैं.” राहुल गांधी ने दावा किया कि दलितों, अन्य पिछड़ा वर्गों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों सहित विपक्ष का समर्थन करने वाले समुदायों के वोटों को हटाने के लिए एक सुनियोजित साजिश चल रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक के अलंद निर्वाचन क्षेत्र में, लगभग 6,018 वोटों को सॉफ्टवेयर-आधारित हेरफेर का उपयोग करके धोखाधड़ी से हटा दिया गया. राहुल गांधी ने कहा, “चुनाव दर चुनाव, विपक्ष के मतदाताओं को चुनिंदा रूप से वोट हटाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है. अब हमारे पास इसका 100 प्रतिशत सबूत है.”
EC ने जानबूझकर जांच में बाधा डाला
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने चुनाव आयोग पर जानबूझकर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक सीआईडी ने 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 पत्र लिखकर आईपी एड्रेस, डिवाइस पोर्ट और वोट हटाने के फॉर्म भरने में इस्तेमाल किए गए ओटीपी ट्रेल जैसे बुनियादी जानकारी मांगी थी. आयोग ने यह जानकारी साझा नहीं की है क्योंकि इससे पता चल जाएगा कि यह काम कहां चल रहा है.
राहुल गांधी ने बताया कि नाम कैसे हटाए गए. उनके अनुसार, मतदाताओं की नकल करने और नाम हटाने के आवेदन दाखिल करने के लिए एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें कर्नाटक के बाहर के मोबाइल नंबर भी इस प्रक्रिया से जुड़े थे. उन्होंने कहा कि एक ऑटोमेटिक प्रोग्राम ने फर्जी तरीके से नाम हटाने के लिए बूथ सूची में पहला नाम चुन लिया.
-भारत एक्सप्रेस
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