सुप्रीम कोर्ट ने जोधपुर के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में 25 फीसदी डोमिसाइल आरक्षण की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने यह फैसला दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत मिले अधिकार का प्रयोग करते हुए इस आदेश में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं है.
यह याचिका 2022 में एनएलयू की कार्यकारी परिषद के उस प्रस्ताव के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें राजस्थान के छात्रों के लिए 25 फीसदी आरक्षण लागू किया गया था. याचिकाकर्ता ने इसे अनुच्छेद 14 यानी (समानता के अधिकार) और अनुच्छेद 15 का उल्लंघन बताते हुए असंवैधानिक करार दिया था और कहा था कि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि यह आरक्षण पूरी तरह वैध है और इससे किसी भी संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन नहीं होता.
याचिकाकर्ता का तर्क था कि एनएलयू-जोधपुर अधिनियम 1999 के तहत न तो ऐसे आरक्षण का प्रावधान है और न इसे लागू करने से पहले अकादमिक परिषद की सहमति ली गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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