भाजपा विधायक मुनिरत्न (फोटो- IANS)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक मुनिरत्न को शुक्रवार को बेंगलुरु में बलात्कार और हनीट्रैप के आरोपों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. कागगलीपुरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी और विधायक को बेंगलुरु केंद्रीय कारागार से बाहर आते ही हिरासत में ले लिया. अदालत ने गुरुवार को वायलिकावल पुलिस स्टेशन में दर्ज दो मामलों में उन्हें जमानत दे दी थी, जिसमें उसके खिलाफ अत्याचार और जान से मारने की धमकी देने का आरोप था.
पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि सेंट्रल जेल में डिप्टी एसपी दिनाकर शेट्टी की अगुवाई वाली टीम ने उन्हें पहले हिरासत में लिया फिर गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस विधायक से बलात्कार और हनीट्रैप मामले में पूछताछ करेगी और शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किए जाने की संभावना है. कर्नाटक पुलिस ने जेल में बंद विधायक के खिलाफ बलात्कार, हनीट्रैप, बलात्कार की वीडियोग्राफी करने और एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को धमकाने के संबंध में एफआईआर दर्ज की थी.
इससे पहले मुनिरत्न को एक ठेकेदार को जान से मारने की धमकी देने और जातिवादी गाली देने के आरोप में बेंगलुरु सेंट्रल जेल में रखा गया था. विशेष अदालत ने गुरुवार को इन मामलों में मुनिरत्न की जमानत याचिका मंजूर कर ली थी.
रामनगर जिले की कागगलीपुरा पुलिस ने गुरुवार को एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद मुनिरत्न के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि सार्वजनिक जीवन में मुनिरत्न से उसका परिचय हुआ था. उसने मोबाइल पर कॉल करके उसके साथ दोस्ती बढ़ाई. वह उसे मुत्याला नगर में अपने गोदाम में ले गया और उसके साथ बलात्कार किया.
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि उसने इस कृत्य को रिकॉर्ड किया और उसे धमकी दी कि अगर मामला सामने आया तो उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा. पीड़िता ने यह भी दावा किया कि उसे अलग-अलग निजी रिसॉर्ट्स में लोगों को हनीट्रैप करने के लिए मजबूर किया गया था.
सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा, “बीजेपी विधायक ने मुझे हनीट्रैप करने के लिए मजबूर किया. उसने मुझे यह काम करवाने के लिए जान से मारने की धमकी दी थी.” कागगलीपुरा पुलिस ने उसके छह साथियों विजयकुमार, किरण, लोहित, मंजूनाथ, लोकी और दो अन्य के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है.
पीड़िता बुधवार देर रात पुलिस के पास पहुंची और डिप्टी एसपी दिनाकर शेट्टी के सामने अपना बयान दर्ज कराया. पुलिस ने गुरुवार तड़के आईपीसी की धारा 354 (ए), 354 (सी), 308, 406, 384, 120 (बी), 504, 506 और 149 के तहत मामला दर्ज किया.
पुलिस ने राजराजेश्वरी नगर से विधायक के खिलाफ आईटी एक्ट और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. चूंकि घटना पहले हुई थी, इसलिए आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पीड़िता ने गुरुवार को पुलिस स्टेशन से बाहर आते हुए कहा कि वह तनाव में थी और पुलिस विभाग ने उसे घटना के बारे में बात करने की अनुमति नहीं दी था. उसने कहा कि मैंने बहुत कुछ सहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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