पंजाब के फिरोजपुर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात एक BSF जवान, जो अनजाने में सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था, जिसको पाकिस्तानी रेंजर्स ने 11 मई 2025 को भारत को सौंप दिया. यह घटना 23 अप्रैल 2025 को हुई, जब जवान सीमा पर किसानों की निगरानी के दौरान अनजाने में सीमा रेखा पार कर गया. BSF जवान की पहचान पूर्णम कुमार शॉ के रूप में हुई है.
पाकिस्तानी रेंजर्स ने जवान को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया. BSF ने तुरंत स्थानीय स्तर पर फ्लैग मीटिंग्स शुरू कीं, लेकिन शुरुआत में पाकिस्तान ने जवान को लौटाने से इनकार कर दिया. भारत ने कूटनीतिक स्तर पर दबाव बनाया और विदेश मंत्रालय के माध्यम से बातचीत को आगे बढ़ाया. लगभग 18 दिनों तक चली गहन वार्ता के बाद, पाकिस्तानी अधिकारियों ने जवान को वापस करने का फैसला किया.
रिहाई के बाद जवान को फिरोजपुर सीमा पर BSF को सौंपा गया. BSF ने इसे कूटनीतिक प्रयासों और आपसी सहयोग का परिणाम बताया. जवान की गर्भवती पत्नी ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से अपील की थी, जिसका व्यापक समर्थन मिला. इस घटना ने सीमा पर तैनात जवानों के सामने आने वाली चुनौतियों को फिर से उजागर किया, जहां छोटी सी गलती भी गंभीर परिणाम ला सकती है.
BSF ने कहा कि जवान की वापसी से न केवल उनके परिवार को राहत मिली, बल्कि यह दोनों देशों के बीच संवाद की अहमियत को भी दर्शाता है. इस घटना से सीमा पर सतर्कता और प्रशिक्षण की जरूरत पर भी जोर दिया गया.
ये भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद PM Modi की अध्यक्षत में CCS की बैठक, लिए जा सकते हैं बड़े फैसले
-भारत एक्सप्रेस
Meerut Fake Silver Foil Factory: मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के काशी गांव में खाद्य…
21 नवंबर को PM मोदी का बिहार दौरा. वैशाली में 1265 एकड़ के औद्योगिक पार्क…
केंद्र सरकार ने ECMS के तहत 12 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी. ₹7,500 करोड़ से…
Rice stock monitoring Food Stock Portal OMSS target Bharat Rice: चावल की कीमतों को काबू…
देहरादून में गृह मंत्री अमित शाह ने ₹1,475 करोड़ की 62 योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया.…
Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपोत्सव के 10वें संस्करण को भव्य बनाने की तैयारियां पूरी…