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कांग्रेस की CWC बैठक: न्याय, संगठन और विरासत पर केंद्रित अहम मोड़

कांग्रेस पार्टी की विस्तारित कार्य समिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक आज गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल मेमोरियल में संपन्न हुई. यह बैठक कल से शुरू हो रहे कांग्रेस अधिवेशन से पूर्व बुलाई गई थी, जिसमें संगठनात्मक सुधार, आगामी चुनावी रणनीतियाँ और देश की मौजूदा राजनीतिक चुनौतियाँ चर्चा के केंद्र में रहीं.

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने इसकी अहमियत को दर्शाया. संगठन के विभिन्न स्तरों पर बदलाव लाने की बात सामने आई, जिसमें जिला कांग्रेस समितियों (DCC) को अधिक अधिकार देने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर सहमति बनी.

‘न्यायपथ’ संकल्प: कांग्रेस का भावी विज़न

इस बैठक में ‘न्यायपथ’ नामक विशेष संकल्प पर चर्चा हुई, जिसमें पार्टी की भविष्य की दिशा स्पष्ट की गई. कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस प्रस्ताव को न्याय, समानता और संविधान की रक्षा से जोड़ते हुए कहा कि यह कांग्रेस के व्यापक बदलाव की शुरुआत है. इस संकल्प के माध्यम से कांग्रेस ने खुद को एक बार फिर सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की पक्षधर पार्टी के रूप में प्रस्तुत किया.

सरदार पटेल को समर्पित विशेष प्रस्ताव

गुजरात की धरती पर आयोजित इस बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत को सम्मानित करते हुए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया गया. इस प्रस्ताव के जरिए कांग्रेस ने न केवल अपने ऐतिहासिक मूल्यों को दोहराया, बल्कि सरदार पटेल और महात्मा गांधी जैसे नेताओं के विचारों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई.

बैठक में विपक्ष की आवाज को दबाने और लोकतंत्र पर बढ़ते खतरे पर भी गहरी चिंता जताई गई. नेताओं ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुटता की अपील की. भाजपा पर नेहरू-पटेल के नाम पर भ्रम फैलाने के आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने साफ किया कि दोनों नेताओं ने राष्ट्रनिर्माण में मिलकर काम किया.

प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति

बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही, जिसे लेकर केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि वे पूर्व निर्धारित विदेश दौरे के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सकीं.

कांग्रेस के लिए एक निर्णायक क्षण

यह अधिवेशन 64 साल बाद गुजरात में हो रहा है, जो खुद में ऐतिहासिक है. बदलते राजनीतिक परिदृश्य, संगठन में नई ऊर्जा और स्पष्ट नीतिगत दिशा के साथ कांग्रेस इस अधिवेशन को एक नए युग की शुरुआत मान रही है. कुल मिलाकर, CWC की यह बैठक कांग्रेस के लिए केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि आत्मविश्लेषण, पुनर्संरचना और नई ऊर्जा के साथ देश के लोकतांत्रिक भविष्य की लड़ाई में अग्रसर होने का संकल्प है.

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-भारत एक्सप्रेस 

प्रशांत त्यागी, वरिष्ठ संवाददाता दिल्ली

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