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CBI वित्तीय सेवा विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक

आज मुंबई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) बैंकिंग धोखाधड़ी जांच क्षेत्र, वित्तीय सेवा विभाग (DFS), वित्त मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVOs) के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक का उद्देश्य बैंक धोखाधड़ी के मामलों की जांच में बेहतर समन्वय स्थापित करना और अभियोजन प्रक्रिया को गति देना था. बैठक में सभी लंबित मामलों की समीक्षा की गई और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. यह बैठक 04 दिसंबर 2024 को वित्तीय सेवा विभाग, सीबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद आयोजित की गई थी, जिसके दौरान विभिन्न विभागों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे.

बैठक में CBI ने अधिकारियों से किया विस्तार चर्चा

बैठक के दौरान सीबीआई ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की और वर्तमान में चल रही जांचों, अभियोजन कार्यवाहियों और बैंक धोखाधड़ी से संबंधित सभी लंबित मामलों पर गहन विचार विमर्श किया. सीबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अधिकारियों ने संबंधित परिचालन मुद्दों पर अपनी प्रस्तुति दी और इसके बाद उन मुद्दों को सुलझाने के उपायों पर विचार किया. बैठक में विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए कई समाधान निकाले गए, ताकि जांच की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और त्वरित बनाया जा सके.

इस समन्वय बैठक में यह भी तय किया गया कि सीबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बीच नियमित और औपचारिक संवाद के लिए एक प्लेटफार्म स्थापित किया जाएगा. यह पहल 04 दिसंबर 2024 की बैठक में तय की गई थी, जिसके बाद इस मंच का नियमित रूप से संचालन किया जाएगा. इस मंच के माध्यम से विभिन्न मामलों पर समय-समय पर चर्चा की जाएगी, जिससे संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और बैंक धोखाधड़ी के मामलों की जांच को तेज किया जा सके.

प्रक्रिया को सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कदम

यह बैठक न केवल एक प्रभावी जांच प्रक्रिया को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे बैंक धोखाधड़ी से संबंधित मामलों के अभियोजन में भी तेजी आएगी. अब तक की चर्चा और समाधान से यह स्पष्ट है कि भविष्य में बैंक धोखाधड़ी के मामलों की जांच में अधिक पारदर्शिता और तत्परता दिखाई देगी.

सीबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अधिकारियों के बीच इस प्रकार की बैठकें न केवल सहयोग को बढ़ावा देती हैं, बल्कि भारतीय वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित और मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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