दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता.
Delhi Assembly Session: दिल्ली विधानसभा का दूसरा दिन उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण से शुरू होगा. आज सुबह 11 बजे उपराज्यपाल अपनी सरकार के कार्यों और योजनाओं के बारे में सदन को अवगत कराएंगे. कयास लगाए जा रहे हैं कि उपराज्यपाल भाजपा की सरकार के विकास कार्यों और योजनाओं का रोडमैप प्रस्तुत करेंगे, जिसमें खासकर यमुना सफाई के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा जा सकता है. सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राजनिवास पहुंचकर उपराज्यपाल से मुलाकात कर चुका है, और इस मुद्दे पर सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है.
आज की कार्यवाही में पक्ष और विपक्ष के बीच तीव्र टकराव की संभावना जताई जा रही है. दरअसल, सदन में सीएजी की 14 रिपोर्ट पेश की जानी हैं. ये रिपोर्ट पिछली सरकार के वित्तीय कार्यों और उनके प्रबंधन से जुड़ी हुई हैं. भाजपा लगातार आरोप लगाती रही है कि इन रिपोर्ट्स के सार्वजनिक होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होगा. रिपोर्ट में विभिन्न विभागों में हुए वित्तीय गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की जानकारी दी जाएगी, जिससे विपक्ष को इस मुद्दे पर हमलावर होने का मौका मिलेगा.
विपक्ष ने कहा- सरकारी खजाना खाली नहीं
वहीं, विपक्ष ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है. विपक्ष का दावा है कि आम आदमी पार्टी ने अपने शासनकाल में बजट में वृद्धि की है, जो भाजपा शासित राज्यों में संभव नहीं हो पाई है. विपक्ष के नेता आतिशी ने पहले ही स्पष्ट तौर पर कहा था कि दिल्ली का सरकारी खजाना खाली नहीं हुआ है, बल्कि इसमें वृद्धि हुई है. उनका कहना है कि सरकार ने विकास के लिए उचित कदम उठाए हैं, और विपक्ष इसे एक सकारात्मक पहलू के रूप में पेश करने की कोशिश करेगा. विपक्ष की योजना यह है कि वह वित्तीय लेखा-जोखा पर सवाल उठाएगा और उपराज्यपाल के प्रशासन पर भी निशाना साधेगा.
सत्ता पक्ष की उम्मीद: CAG रिपोर्ट से खुलेंगे घोटाले
सत्ता पक्ष को उम्मीद है कि जब CAG की रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी, तो आम आदमी पार्टी की सरकार के कई घोटाले और वित्तीय गड़बड़ियां जनता के सामने आ जाएंगी. इनमें शीश महल, शराब घोटाला, और शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में हुई अनियमितताएं शामिल हैं. सत्ता पक्ष का दावा है कि यह रिपोर्ट जनता को सच दिखाएगी और विपक्ष के आरोपों का जवाब मिलेगा.
आज से शुरू हो रही कार्यवाही में जब CAG की रिपोर्ट पेश की जाएगी, तो यह विधानसभा सत्र पक्ष और विपक्ष के बीच तीव्र बहस और आरोप-प्रत्यारोप का कारण बन सकता है. विपक्ष जहां सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाएगा, वहीं सत्ता पक्ष इन रिपोर्ट्स को आधार बनाकर विपक्ष की नीतियों और फैसलों को चुनौती देगा. यह सत्र दिल्ली की राजनीति में अहम मोड़ साबित हो सकता है.
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