नई दिल्ली में बुधवार को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने दिल्ली में गोबर के बेहतर इस्तेमाल के लिए कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट लगाने को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए.
इस कार्यक्रम में केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित केंद्र और दिल्ली सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह समझौता केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के बड़े शहरों के लिए एक उदाहरण साबित होगा. उन्होंने कहा कि गोबर का सही तरीके से उपयोग करने से कई फायदे होंगे. इससे पशुपालकों की आमदनी बढ़ेगी, शहरों में गंदगी कम होगी और कंप्रेस्ड बायो-गैस जैसी स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन भी बढ़ेगा.
उन्होंने यह भी कहा कि गोबर से तैयार होने वाली जैविक खाद ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने में मदद करेगी. इससे किसानों को भी फायदा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव आएगा.
अमित शाह ने यमुना नदी की सफाई का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्लीवासियों की लंबे समय से इच्छा है कि यमुना का पानी साफ हो. उन्होंने कहा कि नदी में पहुंचने वाली गंदगी को रोकना इस दिशा में सबसे जरूरी कदम है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यमुना शुद्धिकरण के संकल्प को पूरा करने में यह समझौता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. शाह ने बताया कि दिल्ली में सीवेज और औद्योगिक कचरे के उपचार के लिए करीब 80 ट्रीटमेंट प्लांट्स पर काम चल रहा है.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है, जिससे आने वाले समय में गोबर का एक भी हिस्सा यमुना में न पहुंचे. उन्होंने कहा कि दिल्ली में मौजूद करीब सवा लाख मवेशियों के अपशिष्ट का सही प्रबंधन किए बिना यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है.
उन्होंने दावा किया कि दिसंबर 2028 तक कोशिश है कि यमुना नदी में गंदा पानी नहीं जाए.
अमित शाह ने बताया कि नांगली, घोघा-गोयला और गाजीपुर में स्थापित होने वाले अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट्स के जरिए गोबर की प्रोसेसिंग की जाएगी. इन प्लांट्स से निकलने वाली सीबीजी ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ कचरा प्रबंधन की समस्या को भी कम करेगी.
उन्होंने कहा कि यह पहल शहरी क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था सुधारने के साथ देश के करोड़ों पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है.
समझौते के तहत पशुपालकों को गोबर उपलब्ध कराने के बदले भुगतान की व्यवस्था भी की गई है. अमित शाह ने कहा कि प्रति किलो गोबर के हिसाब से पशुपालकों को राशि दी जाएगी. इससे गोबर उनके लिए बोझ नहीं, बल्कि आय का एक नया साधन बन सकेगा.
सरकार का मानना है कि दिल्ली में शुरू होने वाली यह योजना आगे चलकर देश के अन्य महानगरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू की जा सकती है.
JUSTICE B.R. GAVAI ADDRESS: 9वें एन.सी. चागला मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट…
PMLA BAIL REJECTED BY HC: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड के मुख्य प्रमोटर…
निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध हालत में मौत. 2014 में…
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार…
मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की 4800 मीटर दौड़ के दौरान BTech पास अभ्यर्थी की मौत.…
Radha Ashtami 2026: राधा अष्टमी 2026 में 19 सितंबर, शनिवार को मनाई जाएगी. मध्याह्न पूजा…