भारत की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर पिछले कुछ दिनों से ऐसी खबरें आ रही हैं, जिन्होंने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है. दिग्गज बैंकर उदय कोटक ने हाल में ही एक बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ‘बड़ा झटका आने ही वाला है और हमें मुश्किल वक्त के लिए तैयार रहना चाहिए.’ यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जनता से पेट्रोल बचाने और एक साल तक सोना न खरीदने जैसी 7 महत्वपूर्ण अपीलें की हैं.
इस एक्सप्लेनर में हम समझेंगे कि क्या वाकई देश किसी बड़े संकट की ओर बढ़ रहा है और इसका आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा.
संकट के वो 3 बड़े संकेत, जो चिंता बढ़ा रहे हैं
10 मई को तेलंगाना की एक रैली में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका-ईरान जंग (जो 27 फरवरी को शुरू हुई थी) इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक है. इसके बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर उनकी 7 अपीलों का पोस्टर शेयर किया, जिसमें लोगों से वर्क फ्रॉम होम अपनाने, विदेश यात्रा टालने, स्वदेशी सामान खरीदने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने को कहा गया है.
वित्त मंत्रालय की अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान जंग की वजह से तेल की कीमतों का बोझ अब ज्यादा समय तक टाला नहीं जा सकता. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है.
सरकार ने 13 मई को सोने-चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर सीधा 15% कर दिया है. इसका सीधा असर यह हुआ कि सोने का भाव 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.87 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल की संभावना:
युद्ध से पहले कच्चा तेल 67 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 107 डॉलर के पार पहुंच चुका है. अनुमान है कि तेल कंपनियों का घाटा पाटने के लिए पेट्रोल में ₹16 और डीजल में ₹17 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा सकती है. अगर ऐसा होता है, तो मिडिल क्लास परिवार का मंथली बजट 15% तक बढ़ सकता है क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से फल-सब्जियां भी 10-15% महंगी हो जाएंगी.
खेती और खाद का संकट:
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा (DAP और पोटाश) विदेशों से आयात करता है. युद्ध की वजह से सप्लाई चैन बाधित हुई है. जून-जुलाई में खरीफ सीजन के लिए 39 मिलियन टन खाद की जरूरत है, जबकि वर्तमान स्टॉक लगभग 19 मिलियन टन ही है. हालांकि, सरकार का दावा है कि उनके पास फिलहाल 51% स्टॉक मौजूद है जो आम दिनों से ज्यादा है.
सरकार का दावा है कि वह हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है.
फाइनेंशियल प्लानर्स के अनुसार, इस मुश्किल समय से बचने के लिए आप ये 4 कदम उठा सकते हैं:
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-भारत एक्सप्रेस
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