रवींद्र सिंह यादव
Noida: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी रवींद्र सिंह यादव को सरकार ने निलंबित कर दिया है. उत्तर प्रदेश शासन द्वारा उनके उपर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दो मुकदमा दर्ज होने के बाद यह कार्रवाई की गई.
इस मामले में यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता (नंदी) ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि रवींद्र सिंह यादव के खिलाफ विभागीय जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने बताया कि रवींद्र सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक धन अर्जित करने का मामला मेरठ के सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) में दर्ज हुआ है.
यादव के पास आय से 158 प्रतिशत ज्यादा की चल-अचल संपत्ति
मामले में औद्योगिक विकास मंत्री ने बताया कि सतर्कता जांच में सामने आया कि यादव ने अपनी कुल आय से 158 प्रतिशत अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है. गुप्ता के अनुसार जब सतर्कता जांच दल ने इस संबंध में उनसे पूछताछ की तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया. उन्होंने आगे बताया कि इन संपत्तियों के बारे में यादव ने विभाग को सूचना नहीं दी थी.
अधिकारियों के मुताबिक जांच में ऐसे कई प्रमाण मिले हैं जिससे यह पता चला है कि रवींद्र सिंह ने आय के समस्त स्रोतों से 24 वर्ष के कार्यकाल मे 94.49 लाख रुपये की आय अर्जित की. बत करें इन वर्षों में यादव द्वारा किए गए खर्चे की तो इस अवधि में इनके द्वारा चल- अचल संपत्ति को अर्जित करने और भरण-पोषण पर 2.44 करोड़ रुपये खर्च किया गया.
उनके द्वारा किए गए खर्चों को जोड़ा जाए तो उन्होंने अपने आय से 1.49 करोड रुपये अधिक व्यय किया, जो 158 प्रतिशत अधिक है.
इटावा में 16 अचल संपत्तियां
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता के मुताबिक जांच में यादव की पत्नी सुमन यादव और पुत्र निखिल यादव के नाम पर इटावा के जसवंतनगर में 16 अचल संपत्तियां खरीदे जाने की पुष्टि हुई है. मंत्री ने यह भी कहा कि औद्योगिक विकास प्राधिकरण में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
रवींद्र सिंह पहले नोएडा विकास प्राधिकरण में विशेष कार्य अधिकारी थे और वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के ओएसडी हैं. सतर्कता अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर विभाग ने यादव के 24 वर्ष के कार्यकाल की जांच की है.
सपा सरकार में था यादव का जलवा
सतर्कता विभाग की मेरठ शाखा ने यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की एक और रिपोर्ट दर्ज की. रवींद्र सिंह यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव व शिवपाल सिंह यादव के काफी नजदीकी माने जाते हैं. बताया जाता है कि सपा सरकार में इनकी नोएडा प्राधिकरण में इनकी तूती बोलती थी.
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