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Kashmir पहुंची पहली मालगाड़ी, फल-सीमेंट की सप्लाई होगी तेज और सस्ती

भारतीय रेलवे ने जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के परिवहन नेटवर्क को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाते हुए शनिवार को पहली बार पंजाब के रूपनगर से अनंतनाग तक मालगाड़ी चलाई. यह मालगाड़ी सीमेंट लेकर आई और दोपहर करीब 12 बजे अनंतनाग गुड्स शेड पर पहुंची. यह ऐतिहासिक कदम कश्मीर (Jammu and Kashmir) को राष्ट्रीय माल परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है.

2025 में की गई थी यात्री ट्रेन सुविधाएं शुरू

इससे पहले जून 2025 में 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर, श्रीनगर, बारामुला रेल लिंक (USBRL) पर यात्री ट्रेन सेवाएं शुरू की गई थीं. अब मालगाड़ी की शुरुआत से कश्मीर के फल और हस्तशिल्प उद्योग को देशभर के बाजारों तक पहुंचने में आसानी होगी.

लॉजिस्टिक्स और आर्थिक विकास का नया युग

रेल मंत्रालय ने इस मौके को “लॉजिस्टिक्स और आर्थिक विकास का नया युग” बताया. मंत्रालय ने कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं बल्कि कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने का प्रतीक है.

मालगाड़ी पर क्या लोड किया गया था ?

इस पहली मालगाड़ी में 1,380 मीट्रिक टन सीमेंट लोड किया गया था, जो 21 बीसीएन वैगनों में भरा गया. यह सीमेंट निजी कंपनियों द्वारा कश्मीर में चल रहे निर्माण कार्यों जैसे सड़क, पुल, सार्वजनिक ढांचा और आवासीय परियोजनाओं के लिए मंगवाया गया था.

उत्तर रेलवे के सीपीआरओ ने क्या बताया?

उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया,

“गुरुवार रात 11 बजे सीमेंट की मांग की गई थी और शुक्रवार शाम 6 बजे तक लोडिंग पूरी कर ली गई है. ट्रेन शुक्रवार रात 7 बजे रूपनगर से रवाना हुई और शनिवार दोपहर 12 बजे अनंतनाग पहुंची. यह सफर लगभग 600 किलोमीटर का था और इसमें 18 घंटे लगे.”

सोपोर फल मंडी के अध्यक्ष ने क्या कहा?

सोपोर फल मंडी के अध्यक्ष फैयाज अहमद मलिक ने कहा,

“यह मालगाड़ी कश्मीर के फल व्यापारियों के लिए राहत लेकर आई है. अभी दिल्ली तक एक फल के डिब्बे की ढुलाई में 100 रुपये तक लगते हैं लेकिन मालगाड़ी से यह खर्च 30 रुपया तक आ सकता है. साथ ही, जहां पहले फल पहुंचने में 6 दिन लगते थे अब यह समय घटकर 30 घंटे हो सकता है.

हालांकि मलिक ने यह भी कहा कि असली फायदा तभी मिलेगा जब मालगाड़ियां सीधे देश के बड़े फल बाजारों जैसे पश्चिम बंगाल, अहमदाबाद और पूर्वोत्तर राज्यों तक जाएं.

पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन

यह मालगाड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) द्वारा 6 जून को कटरा-संगलदान सेक्शन के उद्घाटन और श्रीनगर-कटरा वंदे भारत ट्रेन के शुभारंभ के दो महीने बाद आई है. USBRL परियोजना को तीन हिस्सों में बांटा गया है. पहला- उधमपुर-कटरा (25 किमी), दूसरा- कटरा-बनिहाल (111 किमी), और तीसरा- बनिहाल-बारामुला (136 किमी). इसका निर्माण उत्तर रेलवे द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया गया.

इसे भी पढ़ें-Vande Bharat Train बनी यात्रियों की पहली पसंद, मिल रही है हाईटेक सुविधाएं

यह पहल कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने और स्थानीय व्यापार को नई गति देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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