ऑपरेशन सिंदूर का नन्हा हीरो श्रवण कुमार
Indian Army: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर गहरा प्रहार किया. भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. करीब 4 दिनों तक सीमा में तनाव का माहौल रहा. दोनों और से हमले जारी रहे. इस दौरान सबसे अधिक हिम्मत किसी ने दिखाई तो वह थे सीमा वाले क्षेत्रों में बसे लोग. इन्हीं के बीच पनपी कई कहानियां अब जो अमर हो गई है. क्योंकि, इनमें से कई लोगों ने सेना की मदद कर एक मोर्चे की जंग संभाली थी. इन्हीं में से एक नाम है श्रणव कुमार जिसे अब ऑपरेशन सिंदूर का सबसे छोटा हीरो कहा जा रहा है.
पंजाब के गांव में में रहने वाले श्रवण कुमार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना (Indian Army) की खातिरदारी की थी. 10 साल के इस बच्चे ने अपनी जान की परवाह किए बिना सैनिकों को पानी, बर्फ, चाय, दूध और लस्सी उपलब्ध कराई थी. अब भला हमारे भारत की सेना कहा पूछे रहने वाली थी. आर्मी ने बच्चे की इस मदद के बदले उसे रिटर्न गिफ्ट दिया है.
श्रवण ने तारा वाली गांव में तैनात सैनिकों की काफी मदद की थी जब वे पाकिस्तानी सेना के साथ गोलीबारी में उलझे थे. श्रवण ने सैनिकों को पानी, बर्फ, चाय, दूध और लस्सी जैसी चीजें पहुंचाईं. फिरोजपुर जिले के ममदोट क्षेत्र में स्थित है तारा वाली गांव. यही श्रवण रहता है. बच्चे का सपना बड़े होकर सेना में शामिल होने का है. मई में श्रवण ने कहा था कि वह बड़ा होकर फौजी बनना चाहता है और देश की सेवा करना चाहता है. उसके पिता ने कहा था कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है.
शनिवार को फिरोजपुर छावनी में आयोजित एक समारोह में वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने श्रवण को सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि श्रवण की कहानी देश भर में मौजूद उन मौन नायकों की याद दिलाती है जो मान्यता और समर्थन के हकदार हैं. सेना ने फैसला लिया है कि सैनिकों की मदद करने वाले 10 वर्षीय बच्चे श्रवण सिंह की पढ़ाई का पूरा खर्च भारतीय सेना उठाएगी.
ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में सड़क हादसों की बाढ़: 10 की मौत, 60 से अधिक घायल
श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी वीरता दिखाई जब उसने बिना हथियार और वर्दी के सिर्फ अपने जज्बे से सैनिकों का दिल जीत लिया. भारतीय सेना (Indian Army) ने श्रवण को ऑपरेशन सिंदूर का सबसे युवा नागरिक योद्धा का सम्मान दिया था. अब सेना श्रवण की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी. जाहिर है बच्चे का जज्बा उसे एक दिन बहुत आगे लेकर जाएगा. हम भी इस बच्चे के जज्बे और बहादुरो को सलाम करते हैं.
इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…
दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…
PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…
India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…
रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…