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नीतीश कुमार की आखिर क्या मजबूरी थी? आनंद मोहन का ‘पर्ची’ प्रहार; NDA में मचाई हलचल

Anand Mohan On Nitish Kumar: मुजफ्फरपुर/एमके: मुजफ्फरपुर के दौरे पर पहुंचे आनंद मोहन ने बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और एनडीए (NDA) के भीतर चल रहे नेतृत्व के सवाल पर बेबाक टिप्पणी की है. एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई और भाजपा की कार्यप्रणाली पर तंज कसा.

भाजपा में पर्ची की राजनीति- Anand Mohan

जब आनंद मोहन से बिहार के अगले मुख्यमंत्री और भाजपा के दावों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा, “भाजपा में कब किसकी पर्ची निकल जाए, यह कोई नहीं जानता. वहां फैसले पर्चियों से होते हैं, यह बात जगजाहिर है. उनका यह इशारा हाल के दिनों में अन्य राज्यों में हुए अप्रत्याशित मुख्यमंत्री चयनों की ओर था, जिसे उन्होंने बिहार के संदर्भ में भाजपा की अनिश्चितता से जोड़ दिया.

नीतीश कुमार की आखिर क्या मजबूरी थी?

नीतीश कुमार के केंद्रीय राजनीति में जाने (दिल्ली कूच) की चर्चाओं पर आनंद मोहन ने भावुक और रणनीतिक बयान दिया. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने ’25 से 30 फिर से नीतीश’ के नारे पर भरोसा जताया था. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि नीतीश कुमार को बीच में ही बिहार छोड़ना पड़ रहा है? उनके जाने से आज पूरा बिहार दुखी है क्योंकि सुशासन की पहचान उन्हीं से है.

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प्रभाकर हत्याकांड पर क्या बोले? (Anand Mohan On Prabhakar Singh Murder Case)

आनंद मोहन मुजफ्फरपुर के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर प्रभाकर सिंह हत्याकांड को लेकर गंभीर दिखे. एसएसपी से मुलाकात के दौरान उन्होंने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने याद दिलाया कि नीतीश कुमार के शासन में अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा हुआ था. जोर देकर उन्होंने कहा कि-

जिस सुशासन के दम पर बिहार ने विकास देखा, उसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाना चाहिए. व्यवसायियों और आम जनता की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

2025 की बिसात और गठबंधन की कड़वाहट?

आनंद मोहन का यह बयान महज एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि जेडीयू (JDU) की ओर से भाजपा को दिया गया एक कड़ा संदेश माना जा रहा है. ‘पर्ची’ वाले तंज के जरिए उन्होंने भाजपा के भीतर के ‘सरप्राइज एलिमेंट’ पर निशाना साधा है, वहीं नीतीश कुमार को अपरिहार्य बताकर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. मुजफ्फरपुर से उठी यह सियासी चिंगारी अब पटना के गलियारों में क्या रंग लाती है, यह देखना दिलचस्प होगा.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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