Juice Jacking: पब्लिक प्लेस पर फोन ना करें चार्ज, हो जाएंगे ‘जूस-जैकिंग’ का शिकार, खाली हो सकता है बैंक खाता

Juice Jacking: इन दिनों एक नये तरह का खतरा आपके बैंक खाते पर मंडरा रहा है. अगर आप किसी पब्लिक प्लेस पर किसी चार्जर से अपने फोन को चार्ज करते हैं, तो आपका बैंक खाता खाली हो सकता है. जी हां, हम सही कह रहे हैं. इस साइबर क्राइम को जूस जैकिंग कहते है. यह एक यूएसबी चार्जर से होने वाला साइबर अटैक है. जो आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है.

सरल भाषा में, यह एक प्रकार का साइबर हमला है जो सार्वजनिक स्थानों जैसे हवाई अड्डों, कैफे, बस स्टैंड आदि पर लगाए गए यूएसबी चार्जिंग पोर्ट से आपके फोन में वायरस छोड़ता है. यदि आपकी बैटरी कम हो रही है, तो ध्यान दें कि किसी भी चार्जर से अपने फोन को पब्लिक प्लेस पर चार्ज ना करें. क्योंकि ऐसा करने पर आप जूस-जैकिंग का शिकार हो सकते हैं.

ये कोई नया खतरा नहीं है, लेकिन इसके जाल में अभी भी निर्दोष मोबाइल उपयोगकर्ता फंस जाते हैं. जूस जैकिंग का पहला मामला 2011 में सामने आया था.  FBI सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने USB चार्जर घोटाले या जूस जैकिंग के बारे में एक एडवाइजरी जारी की है. भारत में भी, भारतीय स्टेट बैंक सहित कई बैंकों ने अपने ग्राहकों को जूस जैकिंग के खतरों के बारे में चेतावनी जारी की है.

कैसे काम करता है जूस जैकिंग

USB पोर्ट को अक्सर डेटा ट्रांसफर के लिए उपयोग किया जाता है. अधिक्तर फोन पर, डेटा ट्रांस्फर डिफ़ॉल्ट रूप से बंद होता है. यह एक बैक-एंड-फॉरवर्ड डेटा ट्रांसफरिंग सिस्टम है,  आप फोटो, वीडियो या दस्तावेजों को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में ट्रांस्फर कर सकते हैं. जूस जैकिंग के मामले में, डिवाइस का मालिक यह नहीं देख सकते है कि यूएसबी पोर्ट किससे कनेक्ट हुआ है. तो जब फोन चार्जर से प्लग किया जाता है, तो छिपा हुआ व्यक्ति दूसरे छोर पर आपके डिवाइस से डेटा ट्रांस्फर कर सकता है.

जूस जैकिंग के दो सबसे बड़े खतरे

डेटा चोरी

जब कोई फोन सार्वजनिक यूएसबी पोर्ट में लगाया जाता है, तो हैकर आपके प्लग-इन डिवाइस को संक्रमित करने के लिए उस पोर्ट से कम्प्रोमाइज
भी कर सकता है. इससे आपके मोबाइल डिवाइस का डेटा चोरी हो जाता है. साइबर अपराधी क्रॉलर प्रोग्राम का इस्तेमाल करके आपके डिवाइस में वित्तीय जानकारी या अन्य संवेदनशील जानकारी को खोज सकता हैं.

मैलवेयर इंस्टालेशन

साइबर क्रिमिनल्स आपके फोन डेटा को क्लोन करने और इसे अपने डिवाइस में ट्रांसफर करने के लिए मैलवेयर ऐप का उपयोग कर सकते हैं. इसमें GPS, ख़रीदारी, फ़ोटो और कॉल लॉग शामिल हैं. हैकर आपके फोन को फ्रीज भी कर सकता है और इसे फिर से चालू करने के लिए फिरौती की मांग कर सकता है.

जूस जैकिंग से कैसे बचें

1. पब्लिक प्लेस पर मौजूद चार्जिंग स्टेशनों या पोर्टेबल वॉल चार्जर का उपयोग ना करें

2.अगर आपको अपना फोन चार्ज करना है, तो बिजली के वॉल आउटलेट का ही इस्तेमाल करें

3.केवल अपने पर्सनल केबल का ही उपयोग करें

4.डिवाइस को चार्ज करने से पहले स्विच ऑफ कर दें. क्योकि यूएसबी पोर्ट तब डिवाइस में फ्लैश       स्टोरेज से कनेक्ट हो सकता है.

5.अपने फोन को चार्ज करने के लिए पावर बैंक या बाहरी बैटरी का ही इस्तेमाल करें

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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