मुस्लिम धर्मगुरुओं ने PFI पर पाबंदी को सही बताया
नई दिल्ली- देशभर मेें बीते एक हफ्तों से एनआएई द्वारा PFI के ठिकानों पर छापेमारी के बाद आज केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए इसे 5 सालों के लिए बैन कर दिया है. PFI के ऊपर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है. केंद्र सरकार के इस फैसले के लिए गृह मंत्री अमित शाह की काफी प्रशंसा की जा रही है. बीजेपी नेताओं ने देश की सुरक्षा के लिहाज से इसे बहुत जरुरी कदम बताया है. सतारुढ़ पार्टी के सुर में सुर मिलाते हुए केंद्र सरकार के इस फैसले का अब मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी समर्थन करना शुरु कर दिया है.अजमेर शरीफ के दीवान जैनुल आबेदीन और ऑल इंडिया सूफी काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती पीएफआई के खिलाफ बैन की कार्रवाई को सही बताया है.
अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन ने पीएफआई के पांच साल के लिए प्रतिबंध करने के फैसला का समर्थन किया है. उन्होने कहा कि बीजेपी सरकार को यह कदम बहुत पहले ही उठा लेना चाहिए था लेकिन कोई बात नही देर आए पर दुरुस्त आए. उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि… ” केंद्र सरकार का PFI पर बैेन लगाने का फैसला काबिले तारीफ है और वो इसके लिए बधाई के पात्र है. उन्होनें कहा कि पीएफआई जैसी संस्था जो देश विरोधी कार्य में शामिल रही है. इसका जो देश के खिलाफ खुफिया षडयंत्र चल रहा था उसके सामने आते ही उसे उसी वक्त बैन कर देना चाहिए था. लेकिन सरकार ने पूरी जांच-पड़ताल के बाद इसे 5 सालों के लिए बैन करने का जो फैसला लिया है वो काबिले तारीफ है. इस जरुरी जांच के बाद आए फैसले से पीएफआई के पास बचने की गुंजाइश नहीं रहेगी. जैनुल आबेदीन ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि पीएफआई के जैसी और दूसरी जो भी संस्थाएं है उनके खिलाफ भी सरकार को ऐसे ही सक्त एक्शन लेना चाहिए. जिससे ये लोग देश को नुकासन पुहंचाने के अपने मकसद में कामयाब ना हो पाएं. जिससे देश की अखंडता और एकता बनी रहे. उन्होंने अपने इस वीडियो के जरिए युवाओं से भी अपील की है कि वो PFI जैसी किसी भी संस्था के बहकावे में ना आए. कुरान में हमें देश हित में जो काम करने का निर्देश दिया है हम उसे अमल में लाए औऱ अपने देश की रक्षा करे.
वहीं ऑल इंडिया सूफी काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने भी पीएफआई के ऊपर भारत सरकार के प्रतिबंध के फैसले को उचित बताया है. “उन्होने कहा कि हम इस गृह मंत्रालय के इस फैसले का स्वागत करते हैं. हमने भारत सरकार से पहले ही मांग की थी कि अगर PFI के खिलाफ देश विरोधी कार्य में शामिल होने का सबूत है तो इस पर जल्द से जल्द से बैन लगाया जाए. यह बैन उन लोगों और संगठनों के लिए सबक है जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहते हैं. उन्होंने अपने वीडियो संदेश के जरिए कहा कि देश की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नही हैं. मैं देश के युवा साथियों से भी अपील करता हूं भारत सरकार के इस फैसले को सकारात्मक तरीके से लें. यह देश के लिए बहुत जरूरी था.
-आईएएनएस/ भारत एक्सप्रेस
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