देश

‘शिवकुमार हमें स्वीकार’, कर्नाटक के ‘किंग’ पर मुहर! सिद्धारमैया गुट ने डाले हथियार, 1 दिसंबर को फैसला !

कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व के लिए एक भारी चुनौती सामने खड़ी हो गई है. कर्नाटक में सियासी संग्राम तेज हो चुका है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच कुर्सी की लड़ाई खुलकर सामने आ रही है. कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार अपने 5 साल के कार्यकाल में से आधा कार्यकाल पूरा कर चुकी है, जिसके बाद से सीएम पद को लेकर तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है.

‘DK शिवकुमार हमें स्वीकार है’

20 नवंबर को सिद्धारमैया सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल में से ढाई साल पूरे किए हैं. इसके बाद से यह चर्चा शुरू है कि अब डिप्टी सीएम, मख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं. इसे लेकर सिद्धारमैया गुट से कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि वह खुद भी साएम बना चाहते हैं.

उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए कहा, ‘जब कोई मुझसे मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षा के बारे में पूछता है, तो मैं बता देता हूं कि मैं भी सीएम की रेस में हूं. लेकिन अगर सत्ता में बदलाव होता है और डीके मुख्यमंत्री बनते हैं, तो हम उसे स्वीकार करेंगे.

DK शिवकुमार ने याद दिलाया वादा

डीके शिवकुमार ने पहली बार खुलकर बताया कि 2023 में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर सहमति बनी थी. अब शिवकुमार ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर सिद्धारमैया और कांग्रेस नेतृत्व को उस वायेद की याद दिलाया है. उन्होंने लिखा, ‘शब्द शक्ति ही विश्व शक्ति है.’ इस पोस्ट को लेकर हलचल और तेज हो गई है.

1 दिसंबर को फैसला

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान 1 दिसंबर से पहले कर्नाटक सरकार पर बड़ा फैसला ले सकता है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जल्द ही सीएम सिद्धारमैया और डीप्टी सीएम शिवकुमार से अलग-अलग मुलाकात कर बातचीत कर सकते है. हालांकि कांग्रेस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. 1 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी चाहती है कि इससे पहले कर्नाटक की स्थिति को स्पष्ट किया जाए.

ये भी पढ़ें: क्यों खतरे में नहीं है संविधान? जानिए पूर्व CJI बीआर गवई का जवाब

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस हाईकमान को ऐसी स्थिति संभालनी पड़ रही है. साल 2018 में भी राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच यही संघर्ष हुआ था, जिसे हाईकमान ने शांतिपूर्ण तरीके से हल कर सरकार को 5 साल तक चलाया था.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव के रिजल्ट घोषित करने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक।

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) चुनाव के नतीजे घोषित करने पर रोक लगा…

5 minutes ago

लो जी! युवक ने इंद्रदेव पर करा दी शिकायत, बारिश से तंग आकर DM से बोला- दिव्य संपर्क से रोक लगवाओ

Hardoi Indra Dev Complaint: उत्तर प्रदेश के हरदोई में लगातार बारिश से तंग आकर युवक…

17 minutes ago

अब ब्रांड्स के नाम से पहचाने जाएंगे रेलवे प्लेटफॉर्म, नंबर से पहले होगा कंपनियों का प्रचार; कमाई बढ़ाने का नया फॉर्मूला

भारतीय रेलवे ने अपनी आय बढ़ाने और गैर-किराया राजस्व मजबूत करने के लिए व्यस्त स्टेशनों…

30 minutes ago

दिल्ली वालों के लिए बड़ी खबर! बारापुला फेज-3 शुरू, गृह मंत्री अमित शाह ने किया उद्घाटन

दिल्ली के बारापुला फेज 3 का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उद्घाटन किया. 3.5…

35 minutes ago

गिनती ही नहीं थम रही! उत्तर प्रदेश में 2 पर सिमटी कांग्रेस लड़ेगी 403 सीटें? दिल्ली प्लान से हिला गठबंधन

Congress Plan For UP Election: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा दांव…

51 minutes ago

BJP ने बिहार-UP विधान परिषद चुनाव के लिए पत्ते खोले, 10 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान

Bihar-UP MLC Election: बीजेपी ने बिहार और उत्तर प्रदेश में होने वाले स्नातक और शिक्षक…

1 hour ago