कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का सीक्रेट प्लान
Karnataka Politics Suspense: एक ओर जहां देश बिहार विधानसभा चुनाव में व्यस्त है. वहीं कर्नाटक की राजनीति में नवंबर क्रांति की तेज सुगबुगाहट ने सस्पेंस बढ़ा दिया है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के एक बयान ने इस अटकल को और हवा दे दी है कि बिहार चुनाव के तुरंत बाद कर्नाटक में कैबिनेट फेरबदल होगा. खुद के भविष्य को लेकर उन्होंने कहा कि आखिरी फैसला तो हाईकमान को ही लेना है. यह बयान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों को उत्साहित कर रहा है, जिनका दावा है कि सरकार बनने पर ढाई साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल पर सहमति बनी थी.
अब सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की आगामी दिल्ली यात्राओं पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि क्या कांग्रेस हाईकमान कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का बड़ा फैसला लेगा. कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद कैबिनेट फेरबदल और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही हैं.
सिद्धारमैया ने कहा कि हाईकमान की ओर से उन्हें उनके भविष्य के बारे में कुछ नहीं कहा गया है और लीडरशिप में बदलाव को लेकर अब तक कोई बात सामने नहीं आई है. हालांकि, उन्होंने कैबिनेट फेरबदल (Karnataka Cabinet Reshuffle) की पुष्टि की है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है.
ये भी पढ़ें: कोयंबटूर में हाफ एनकाउंटर! 7 टीमों के ऑपरेशन में धराए गैंगरेप के 3 आरोपी; सियासत ने पकड़ा जोर
सिद्धारमैया के बयान से साफ हो गया है कि कर्नाटक कांग्रेस में लॉबिंग जोरों पर है. डीके शिवकुमार (Karnataka Dupty CM DK Shivakumar) का कद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं, क्योंकि उनके समर्थकों का दावा है कि सरकार बनने पर ढाई साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल पर बात हुई थी और अब सिद्धारमैया को हटाकर डीके को कमान देनी चाहिए.
सिद्धारमैया 15 नवंबर को दिल्ली आने वाले हैं और राज्य सरकार में मंत्री सतीश जरकिहोली भी दिल्ली जा रहे हैं. माना जा रहा है कि शिवकुमार को डिप्टी सीएम के साथ प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी ताकि सरकार से संगठन तक दखल के नाम पर वह मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर फिलहाल विराम लगा दें. अब देखना होगा कि कर्नाटक में नवंबर महीने के अंत तक क्या होता है.
ये भी पढ़ें: हेलो मेडम..’, और पार्क में करने लगा मास्टरबेट, कुत्ता टहला रही थी लड़की; फिर क्या हुआ?
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बयान राज्य की कांग्रेस राजनीति में बड़ा सस्पेंस पैदा कर गया है. डीके शिवकुमार और उनके समर्थकों का ढाई साल के सीएम कार्यकाल का दावा और सिद्धारमैया के बेटे का राजनीतिक करियर के आखिरी पड़ाव वाला बयान, नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को मजबूती दे रहा है. सतीश जरकिहोली जैसे अन्य नेताओं को आगे करने की रणनीति से स्पष्ट है कि कांग्रेस हाईकमान इस मुद्दे को संभालने के लिए सतर्क है. अब, नवंबर के अंत तक कर्नाटक की राजनीति में बड़ा फैसला होने की संभावना है, जो कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय करेगा.
Kavya Maran & Anirudh Ravichander Wedding: सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन और म्यूजिक कंपोजर…
Panjab Crime News: बलटाना क्षेत्र में अपनी पोती के साथ मंदिर से घर लौट रही…
Train Paan Shop Viral Video: क्या आपने कभी चलती ट्रेन के AC डिब्बे में सजती…
Pratapgarh Wife Murder: प्रतापगढ़ जिले के फतनपुर थाना क्षेत्र के एक स्थानीय बाजार में पति…
Dussehra Unique Tradition: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के 'रावण' गांव में दशहरे पर पुतला…
FSSAI Action On Priyagold Biscuits: खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा…