नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह.
IPS Laxmi Singh: यूपी के पुलिस इतिहास में सोमवार देर रात एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ. तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी सिंह को प्रदेश की पहली महिला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया. उन्हें गौतमबुद्धनगर (नोएडा) का प्रभार सौंपा गया है. गौरतलब है कि सोमवार देर रात 16 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया. ट्रांसफर लिस्ट में सबसे चौकाने वाला नाम नोएडा कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह और वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश का है. दोनों अफसरों को डीजीपी ऑफिस में तैनात कर दिया गया है. आलोक सिंह की जगह लखनऊ रेंज की आईजी लक्ष्मी सिंह को नोएडा का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है.
नोएडा की नई पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की साल 2000 बैच की अधिकारी हैं. लक्ष्मी सिंह देश की पहली ऐसी महिला अफसर हैं, जिन्होनें पूरे बैच में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया और बेस्ट प्रोबेश्नर का खिताब भी जीता. इतना ही नहीं, लक्ष्मी सिंह को प्रधानमंत्री ने सिल्वर बेटन और गृह मंत्रालय की ओर से 09 एमएम की पिस्टल गिफ्ट में दिया गया. साथ ही मुख्यमंत्री का उत्कृष्ठ सेवा मेडल भी लक्ष्मी सिंह को मिल चुका है. लक्ष्मी सिंह को डीजी की प्लैटिनम और गोल्ड डिस्क मिल चुकी है.
आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी सिंह अपना ज्यादातर समय ग्राउंड पर देती हैं. लक्ष्मी सिंह का मानना है कि ग्राउंड पर रहकर घटनाओं को करीब से देखा जा सकता है. यही वजह की हाल ही में लखनऊ रेंज की सभी बड़ी घटनाओं में वह खुद घटनास्थल पर पहुंच जाती थीं, जिससे जनता के बीच पुलिस की एक सकारात्मक छवि बनी रही. लक्ष्मी सिंह एसी दफ्तर में बैठकर काम करने में विश्वास नहीं रखती हैं. लक्ष्मी सिंह ईडी के तेजतर्रार और नामी अधिकारी रह चुके राजेश्वर सिंह की पत्नी हैं. राजेश्वर सिंह वर्तमान में सरोजनीनगर से विधायक हैं.
आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी सिंह प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रह चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ कानून-व्यवस्था को कंट्रोल में रखा, बल्कि कई दुर्दांत डकैतों और अपराधियों का एनकाउंटर किया.
मेरठ में डीआईजी रहते हुए लक्ष्मी सिंह ने पुलिस को हाईटेक बनाया. कम्प्यूटराइजेशन में इनके रेंज के एक जिले को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्मानित किया गया था. इतना ही नहीं, लक्ष्मी सिंह के सार्थक प्रयासों से उनका रेंज यूपी का नंबर वन कम्प्यूटराइज्ड रेंज बन सका. लक्ष्मी सिंह एसटीएफ में भी डीआईजी के पद पर रह चुकी हैं. इस दौरान इनके दर्जनों कामों को सराहा गया.
आईजी बनने के बाद लक्ष्मी सिंह की तैनाती पीटीएस मेरठ में हुई, जहां उनकी कड़ी मेहनत और प्रयासों के बाद कई अच्छे काम हुए. जिसका नतीजा ये हुआ कि गृह मंत्रालय ओर से पीटीएस मेरठ को भारत में नम्बर एक संस्थान घोषित किया गया, साथ ही दो लाख रूपए का इनाम भी दिया गया.
लखनऊ की आईजी रेंज रहते हुए लक्ष्मी सिंह ने लखनऊ ग्रामीण, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और लखीमपुर खीरी का प्रभार रहा. इन सभी जिलों में कठिन परिस्थितियों में भी पुलिस पब्लिक इन्टरफेस (Police Public Interface) का प्रयास निरन्तर जारी रहा. साथ ही लक्ष्मी सिंह के प्रयासों का ही नतीजा था कि विषम परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था कायम रही.
ये भी पढ़ें : Mainpuri Bypolls: सीएम योगी ने शिवपाल को बताया पेंडुलम, बोले- नेताजी के आशीर्वाद से आजमगढ़-रामपुर के बाद मैनपुरी भी जीतेंगे
2000 बैच की महिला आईपीएस टॉपर लक्ष्मी सिंह ने मेकेनिकल इंजीनियरिंग और समाजशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल करने के बाद पुलिस की खाकी वर्दी पहनी. ईमानदारी से और हिम्मत से अपनी ड्यूटी करती हैं.
-भारत एक्सप्रेस
Jammu Rohingya basti: जम्मू के करयानी तालाब इलाके में कथित अवैध बस्ती को लेकर प्रशासन…
TRAI के सर्किलवार आंकड़ों के मुताबिक बिहार में रोजाना करीब 49.1 पेटाबाइट डेटा की खपत…
Singapore Economy History: 1965 में मलेशिया से अलग होकर स्वतंत्र हुए सिंगापुर को ली क्वान…
Aao School Chalen Abhiyan Delhi School Admission: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 'आओ स्कूल चलें' अभियान के…
Pattinapakkam Fishermen Protest: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय द्वारा पट्टिनापक्कम में ₹1,200 करोड़ के सचिवालय निर्माण…
एशिया कप ट्रॉफी विवाद के बाद सवाल उठ रहा है कि Asian Games 2026 में…