Ek Bharat Shreshtha Bharat: राष्ट्रीय एकता के प्रतीक भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में, जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के तहत एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया. शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST-K) के शालीमार कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस संयुक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मुख्य अतिथि के रूप में की.
यह कार्यक्रम केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) और भारत भारती के सहयोग से SKUAST कश्मीर द्वारा आयोजित किया गया था. कार्यक्रम का मुख्य विषय “विविधता में एकता – संस्कृतियों का उत्सव, दिलों को जोड़ना” था, जिसने भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों को एक मंच पर एक साथ लाकर राष्ट्रीय एकीकरण के संदेश को मजबूत किया.\
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि सरदार पटेल का सपना एकजुट, मजबूत और विकसित भारत का था. उन्होंने कहा, “आज उनके आदर्श हमें राष्ट्रीय एकता, ईमानदारी और लोगों की सेवा करना सिखाते हैं. भारत भारती ने हमेशा देश के विभिन्न क्षेत्रों में सांस्कृतिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने में एक अनुकरणीय भूमिका निभाई है.”
इस अवसर पर, राष्ट्रीय और सामाजिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कई प्रतिष्ठित हस्तियों को उपराज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया. एलजी सिन्हा ने सभी पुरस्कार विजेताओं को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि उनकी सेवाएँ सरदार पटेल के दृष्टिकोण का एक सच्चा अवतार हैं.
| सम्मानित व्यक्ति | पद/विवरण | सम्मान का क्षेत्र |
| इरफान अली शाह (आईएफएस) | वन संरक्षक, उत्तरी कश्मीर | पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और सार्वजनिक सेवा |
| अभय सोपोरी | प्रसिद्ध संतूर वाद्य कलाकार | कला और संस्कृति |
| एडवोकेट तबस्सुम रहीम सिबगत | कानूनी और सामाजिक सेवा | सामाजिक सेवा |
| सरदार सत्येंद्रसिंह काला | अतिरिक्त महाधिवक्ता, जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय | कानूनी सेवा |
| डॉ. लतीफ खान | प्रसिद्ध चिकित्सक | चिकित्सा सेवा |
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देश के 22 प्रांतों के छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रदर्शन था. छात्रों ने अपने-अपने राज्यों के पारंपरिक नृत्य, गीत और ललित कलाओं के माध्यम से “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की अवधारणा को जीवंत किया. पूरा वातावरण देशभक्ति, एकता और सांस्कृतिक विविधता के रंगों से सराबोर था.
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श्रीनगर में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम न केवल सरदार वल्लभभाई पटेल को एक श्रद्धांजलि था, बल्कि यह भी साबित करता है कि कश्मीर भारत की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता का एक अभिन्न अंग है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी एकजुट और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रासंगिक हैं. सांस्कृतिक प्रदर्शन ने ‘विविधता में एकता’ की अवधारणा को जीवंत किया. यह आयोजन राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के के संकल्प को मजबूती प्रदान करता है.
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