भूपेंद्र सिंह और प्रमोद यादव (फोटो सोशल मीडिया)
Mainpuri Election 2022: मैनपुरी उपचुनाव में जंग अब और दिलचस्प हो गई है. सपा परिवार के सभी सदस्यों के एक मंच पर आने के बाद पूरी ताकत से वे राजनीतिक विरासत बचाने में जुटे हैं. वहीं बीजेपी ने भी अपनी ताकत झोंक दी है. देखने में तो मुकाबला केवल सपा और बीजेपी के बीच लगता है. लेकिन ये मुकाबला कुल छह प्रत्याशियों के बीच में है. मैनपुरी उपचुनाव में कुल छह प्रत्याशियों में 2 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्हें उनका खुद का और परिवार का वोट नहीं मिल सकेगा.
भारतीय कृषक दल के प्रत्याशी प्रमोद यादव का नाम है जो शाहजहांपुर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल है, तो वहीं राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के भूपेंद्र धनगर बल्देव विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं.
मैनपुरी सीट को मुलायम सिंह की कर्मभूमि रही है. यहां पर इस बार सपा और बीजेपी के बीच सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है. सपा ने मुलायम सिंह के निधन के बाद इस सीट को जीतने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है. मुलायम के निधन के बाद शिवपाल यादव और अखिलेश भी साथ आ गए हैं. मैनपुरी उपचुनाव के लिए कुल 13 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था. लेकिन चुनाव आयोग ने जांच के बाद 7 नामांकन पत्र निरस्त कर दिए. जबकि 6 वैध पाए गए जो चुनाव लड़ रहे हैं.
ये भी पढ़ें- Gujarat Election 2022: पहले चरण के लिए 89 सीटों पर वोटिंग शुरू, 788 उम्मीदवारों की किस्मत आज ईवीएम में होगी कैद
समाजवादी पार्टी के तरफ से अखिलेश यादव की पत्नी मैदान में हैं तो बीजेपी की तरफ से रघुराज सिंह शाक्य अपना जोर आजमा रहे हैं. इसके अलावा भारतीय कृषक दल से प्रमोद यादव, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी से भूपेंद्र धनगर. इसके अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसमें सुषमा देवी और सुरेश चंद्र चुनाव की रेस में शामिल है. हालांकि, इन चारों में से कोई भी अभी तक ज्यादा चुनाव प्रचार करता हुआ नहीं दिखा है. लेकिन इन में दो प्रत्याशियों को खुद को और अपना वोट इसलिए नहीं मिला पाएगा, क्योंकि ये दोनों ही प्रत्याशी मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र के बाहर के निवासी हैं. मैनपुरी में 5 दिसंबर को वोटिंग होनी है.
Devendra Fadnavis slams Uddhav Thackeray: उद्धव ठाकरे के 'सत्ता परिवर्तन' वाले बयान पर पलटवार करते…
Pratapgarh Double Murder: थाना संग्रामगढ़ क्षेत्र के नया पुरवा लालू पट्टी गांव में मां और…
ND Tiwari Birth Anniversary: नारायण दत्त तिवारी भारतीय राजनीति के ऐसे दुर्लभ नेता थे, जिन्होंने…
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे पर…
Greater Noida 5 Dead Case: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में 5 मौतों के पीछे क्या…
गूगल और अदाणी कॉनेक्स की साझेदारी में विशाखापत्तनम में बनने वाले मेगा डेटा सेंटर पारंपरिक…