देश

‘मुझे 17 साल तक अपमानित किया गया’, मुझे अपने ही देश में आतंकवादी…’ मालेगांव विस्फोट मामले में बरी होने के बाद फूट-फूट कर रोईं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर

Malegaon Bomb Blast Case: महाराष्ट्र के मालेगांव बम धमाका मामले (Malegaon Blast) में आखिरकार गुरुवार को अदालत ने अपना फैसला सुना दिया. NIA की विशेष अदालत ने साध्वी प्रज्ञा सहित सभी सातों आरोपियों को बरी कर दिया है. इस मामले में कुल सात प्रमुख आरोपी थे, जिनमें पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी, समीर कुलकर्णी और सुधाकर धर द्विवेदी शामिल हैं.

अदालत ने अपने फैसले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), शस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपों को बरकरार रखने के लिए पर्याप्त सबूतों के अभाव का हवाला दिया. सभी सात आरोपियों को बरी करने के बाद अदालत में भावुक माहौल छा गया है.

‘मुझे 13 दिनों तक प्रताड़ित किया गया’

फैसला सुनाए जाने के बाद, मुख्य आरोपियों में से एक साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अदालत कक्ष में फूट-फूट कर रो पड़ीं. हाथ जोड़कर जज को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे 13 दिनों तक प्रताड़ित किया गया. मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी गई. मुझे 17 साल तक अपमानित किया गया. उन्होंने मुझे अपने ही देश में आतंकवादी करार दिया.”

बरी होने के लिए अदालत का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने आगे कहा, “मैं उन लोगों के बारे में कुछ नहीं कह सकती जिन्होंने मुझे इस हालत में पहुंचाया. मैं सिर्फ इसलिए जिंदा हूं क्योंकि मैं एक संन्यासी हूं. भगवा को आतंकवाद करार दिया गया था, आज भगवा जीत गया है. हिंदुत्व जीत गया है. हिंदुत्व को आतंकवाद के बराबर बताने वालों को कभी माफ नहीं किया जाएगा.”

अदालत में मौजूद एक अन्य अभियुक्त लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित ने भी फैसले के बाद कृतज्ञता व्यक्त की. उन्होंने कहा, “मैं ‘जय हिंद’ से शुरुआत करता हूं. मेरी पहचान भारतीय सेना से है. मैंने देश की सेवा की है और करता रहूंगा. जांच एजेंसियां एक संस्था के रूप में गलत नहीं हैं, लेकिन उनमें शामिल लोग गलत हो सकते हैं.

उन्होंने आगे कहा, “17 साल तक मैंने सजा भुगती. जमानत मिलने के बाद भी मुझे यह सब सहना पड़ा. जो हुआ वह गलत था. कुछ अधिकारियों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया और हम उनके शिकार बन गए. मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि किसी आम नागरिक को वह सब न सहना पड़े जो हमें सहना पड़ा. मैं अदालत का शुक्रगुजार हूं.”

जानें क्या था मालेगांव बम धमाका केस

आपको बता दें गुरुवार को अदालत कक्ष खचाखच भरा हुआ था क्योंकि अदालत के पूर्व आदेश के अनुसार, सभी सात आरोपी फैसला सुनाए जाने के समय मौजूद थे. अदालत ने सरकार को छह मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपए और प्रत्येक घायल पीड़ित को 50-50 हजार रुपए का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया.

मालेगांव विस्फोट 29 सितंबर, 2008 की शाम को हुआ था, जब महाराष्ट्र के नासिक जिले के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील शहर मालेगांव में भिक्कू चौक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल पर बंधे बम में विस्फोट हुआ था. रमजान के दौरान और नवरात्रि से कुछ दिन पहले हुए इस हमले में छह लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

ये भी पढ़ें: “आतंकवाद भगवा न कभी था, ना है, ना कभी रहेगा”, मालेगांव विस्फोट मामले पर फैसला आने के बाद सीएम फडणवीस ने दी प्रतिक्रिया

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस 

निहारिका गुप्ता

Recent Posts

21 से 27 अक्टूबर तक सजेगा अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा, 24 देशों की झलक और ग्लोबल डांस फेस्टिवल होंगे खास आकर्षण

International Kullu Dussehra: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का आयोजन 21 से 27…

7 hours ago

अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण मामला फिर पहुंचेगा कमिश्नर के पास

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी के तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के…

7 hours ago

UP पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 3 महीने में वोटिंग कराए सरकार

UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया…

8 hours ago

नेफा का काला अध्याय: अक्टूबर 1962 की तबाही

1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नेफा मोर्चे पर क्या हुआ था? थागला रिज से…

8 hours ago