फोटो-सोशल मीडिया
Manipur Violence: मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा की आग भड़क उठी है. उखरूल जिले में शुक्रवार तड़के ताजा हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 4.30 बजे थोवई कुकी गांव में घटी. उखरुल के एसपी निंगशेम वाशुम ने कहा कि कथित तौर पर तीनों ग्राम रक्षक थे जिन्हें गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
मृतक की पहचान जामखोगिन हाओकिप (26), थांगखोकाई हाओकिप (35) और हॉलेंसन बाइट (24) के रूप में की गई है. बता दें कि 3 मई को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में मणिपुर में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित की गई थी, जिसके बाद मैतेई और कुकी समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए. राज्य में हिंसा की आग ऐसे भड़की कि अब तक करीब 120 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 3,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. राज्य में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है.
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उखरुल के एसपी निंगशेम वाशुम ने कहा, “कुछ हथियारबंद बदमाश गांव में घुस आए और गांव की रखवाली कर रहे इन तीन लोगों को गोली मार दी. क्षेत्र में गोलीबारी बंद हो गई है और सेना और पुलिस सहित सुरक्षा बल क्षेत्र में चले गए हैं.” पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि तीनों की उम्र 24-35 साल के बीच थी. अधिकारियों ने कहा कि तीनों लोगों के शरीर पर चाकू से चोट के निशान हैं और उनके अंग भी कटे हुए हैं. 3 मई से जातीय हिंसा ने राज्य को हिलाकर रख दिया है. सबसे अधिक प्रभावित जिले मैतेई-प्रभुत्व वाले बिष्णुपुर, इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व और काकचिंग और कुकी-ज़ोमी-प्रभुत्व वाले चुराचांदपुर और कांगपोकपी हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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