मध्यप्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (फोटो फाइल)
मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब कुछ महीने का वक्त बचा है. ऐसे में सभी पार्टियां कील-कांटें ठीक करने में जुटी हुई हैं. दूसरे दलों में सेंधमारी से लेकर चुनाई रणनीतियां बनाई जा रही हैं. जिससे वोटबैंक को साधा जा सके. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ की की मौजूदगी में कई बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया. बीजेपी नेताओं के कांग्रेस में आने से गदगद हुए कमलनाथ ने यहां तक बोल दिया कि अगर शिवराज सिंह चौहान भी उनकी पार्टी में आना चाहते हैं तो आ सकते हैं, लेकिन एक शर्त है.
राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पर बीजेपी से आए नेताओं को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई गई. इस दौरान पीसीसी के अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी मौजूद रहे. कमलनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि “मैं चाहूं तो रोज तीन नेता खड़े कर सकता हूं, लेकिन मेरा सिद्धांत रहा है कि इसमें स्थानीय नेताओं की बी सहमति होनी चाहिए.”
कमलनाथ ने शिवराज सिंह चौहान की चुटकी लेते हुए कहा कि “अगर शिवराज सिंह चौहान भी चाहें तो कांग्रेस में आ सकते हैं, लेकिन उसके लिए स्थानीय नेताओं की मंजूरी लेनी होगी.” उन्होंने शिवराज सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं और आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा है. अपराध बढ़ रहा है. जिसकी जानकारी मुझे मिल रही है. आने वाले महीनों में कई तरह के खुलासे होने जा रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान जनता को बरगलाने के लिए प्रलोभन दे रहे हैं, लेकिन उससे कुछ भी नहीं होने वाला है. अबकी बार जनता तय कर चुकी है और ये चुनाव प्रदेश के भविष्य का चुनाव है.
आपको बता दें कि बीते रविवार को बीजेपी के कई नेताओं ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया. जिसमें विधानसभा क्षेत्र दतिया के बीजेपी नेता अवधेश नायक, सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी नेता राजकुमार धनौरा के अलावा राहत इंदौरी की पत्नी अंजुम रहबर शामिल हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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