Amit Shah
Amit Shah: देश में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा और नई पहचान देने के उद्देश्य से वर्ष 2021 में सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया था. पिछले पांच वर्षों में इस मंत्रालय ने केवल प्रशासनिक ढांचे तक सीमित रहने के बजाय सहकारी संस्थाओं को आर्थिक विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के व्यापक लक्ष्य से जोड़ने का प्रयास किया है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah का कहना है कि इन पांच वर्षों में सहकारिता को एक जन आंदोलन के रूप में पुनर्जीवित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
अमित शाह के अनुसार, सरकार की सोच स्पष्ट रही है कि सहकारिता केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है. विशेष रूप से छोटे किसानों, महिलाओं, ग्रामीण युवाओं और वंचित वर्गों को संगठित कर उनकी आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर मंत्रालय ने लगातार ध्यान केंद्रित किया है.
पाँच वर्षों में मंत्रालय ने सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी. पहले जहाँ अनेक सहकारी समितियाँ सीमित दायरे में कार्य कर रही थीं, वहीं अब उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बेहतर प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने का प्रयास किया गया है. सरकार का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता में भी सुधार हुआ है.
सरकार ने पंचायत स्तर तक सहकारिता का विस्तार करने का अभियान शुरू किया. प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को बहुउद्देश्यीय संस्थाओं के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया गया ताकि वे केवल ऋण वितरण तक सीमित न रहें, बल्कि खाद-बीज वितरण, भंडारण, जन औषधि केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य ग्रामीण सेवाएँ भी उपलब्ध करा सकें.
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक ही स्थान पर अनेक सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करना है.
अमित शाह ने कई अवसरों पर कहा है कि छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत किए बिना ग्रामीण भारत का समग्र विकास संभव नहीं है. इसी सोच के तहत सहकारी क्षेत्र को कृषि मूल्य श्रृंखला से जोड़ा गया है. भंडारण, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात में सहकारी संस्थाओं की भूमिका बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके.
पिछले पांच वर्षों में बीज उत्पादन, जैविक खेती, निर्यात और अन्य क्षेत्रों में नई राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं की स्थापना की गई. इन संस्थाओं का उद्देश्य किसानों को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना तथा कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना है. सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय कृषि को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी.
सहकारिता मंत्रालय ने सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए. मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े कानूनों में संशोधन कर संस्थाओं के संचालन को अधिक जवाबदेह और लोकतांत्रिक बनाने का प्रयास किया गया. इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया, लेखा परीक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया.
सरकार का मानना है कि सहकारिता आंदोलन तभी मजबूत होगा जब इसमें महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी. इसी उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को सहकारी गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए गए. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और सामूहिक उद्यमों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई है.
अमित शाह का कहना है कि सहकारिता मंत्रालय की उपलब्धियों को केवल योजनाओं की संख्या से नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आए बदलाव से आँका जाना चाहिए. उनका मानना है कि यदि गांव आर्थिक रूप से मजबूत होंगे, तो देश की अर्थव्यवस्था भी अधिक सशक्त बनेगी. सहकारी संस्थाओं के माध्यम से कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्योगों को एकीकृत कर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है.
सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर सरकार का फोकस अब सहकारी संस्थाओं को और अधिक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी तथा तकनीक आधारित बनाने पर है. लक्ष्य यह है कि प्रत्येक गाँव और प्रत्येक किसान सहकारिता आंदोलन से सीधे जुड़ सके तथा सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आर्थिक समृद्धि का लाभ प्राप्त करे.
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इन पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने ग्रामीण विकास, किसानों के सशक्तिकरण और सामूहिक आर्थिक मॉडल को मजबूत करने की दिशा में अनेक पहलें शुरू की हैं. सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में यही सहकारिता मॉडल विकसित भारत के निर्माण, कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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